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RBI New UPI Rules: अब बिना इंटरनेट और बिना QR कोड के भी होगा UPI पेमेंट, जानें ‘UPI Tap & Pay’ कैसे करेगा काम

RBI New UPI Rules: अब बिना इंटरनेट और बिना QR कोड के भी होगा UPI पेमेंट, जानें 'UPI Tap & Pay' कैसे करेगा काम

अब बिना इंटरनेट और बिना QR कोड के भी होगा UPI पेमेंट

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GGaganpreet Kaur

RBI New UPI Rules: भारत में डिजिटल पेमेंट की परिभाषा को पूरी तरह बदलने और कैशलेस अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने दो बड़े क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। अक्सर खराब मोबाइल नेटवर्क या इंटरनेट पैक खत्म हो जाने की वजह से दुकानों पर ऑनलाइन पेमेंट अटक जाता था, जिससे आम लोगों और दुकानदारों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब यह समस्या हमेशा के लिए खत्म होने जा रही है।

RBI ने ‘UPI टैप एंड पे’ (UPI Tap and Pay) सुविधा की शुरुआत की है, जिसके तहत उपभोक्ता बिना मोबाइल इंटरनेट के केवल अपना स्मार्टफोन अनलॉक करके मर्चेंट की POS (पॉइंट ऑफ सेल) मशीन पर टैप करेंगे और पलक झपकते ही भुगतान पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही, डिजिटल फ्रॉड से सुरक्षा और त्वरित ग्राहक सेवा के लिए एआई-संचालित ‘MyUPI’ प्लेटफॉर्म भी पेश किया गया है।

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कैसे काम करेगा ‘UPI टैप एंड पे’ और बिना इंटरनेट कैसे होगा भुगतान?

‘UPI टैप एंड पे’ की कार्यप्रणाली काफी हद तक हमारे कॉन्टैक्टलेस क्रेडिट या डेबिट कार्ड से पेमेंट करने जैसी ही है। यदि आपके स्मार्टफोन में NFC (नियर फील्ड कम्युनिकेशन) फीचर मौजूद है, तो आपको बार-बार कोई UPI ऐप खोलने या क्यूआर कोड स्कैन करने की झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।

भुगतान के वक्त आपको बस अपना फोन अनलॉक करके दुकान की NFC-सक्षम POS मशीन के पास ले जाना होगा। इस पूरी प्रक्रिया में उपभोक्ता के फोन में मोबाइल डेटा या वाई-फाई होना बिल्कुल जरूरी नहीं है, क्योंकि यह लेनदेन दुकानदार की POS मशीन के नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल करके सुरक्षित तरीके से पूरा होता है। यह सुविधा आपके बैंक खातों के साथ-साथ UPI से जु

ड़े RuPay क्रेडिट कार्ड्स पर भी काम करेगी।

₹5,000 तक बिना पिन के झटपट पेमेंट, सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम

खुदरा बाजारों, पेट्रोल पंपों और सुपरमार्केट्स में लगने वाली लंबी कतारों को खत्म करने के लिए RBI ने इस प्रक्रिया में पिन की सीमा तय की है:

₹5,000 या उससे कम के भुगतान: इसके लिए कोई UPI PIN डालने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल फोन टैप करते ही राशि तुरंत ट्रांसफर हो जाएगी।

₹5,000 से अधिक के भुगतान: सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए, ₹5,000 से अधिक की राशि के लिए यूजर को POS मशीन पर अपना सुरक्षित UPI PIN दर्ज करना अनिवार्य होगा।

AI प्लेटफॉर्म ‘MyUPI’: धोखाधड़ी रोकने के लिए मिला ‘सेफ्टी स्विच’

‘टैप एंड पे’ के साथ-साथ NPCI ने ‘MyUPI’ नाम से एक एआई-संचालित (AI-Powered) कस्टमर सपोर्ट प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया है। NPCI के ‘FiMI स्मॉल लैंग्वेज मॉडल’ पर आधारित यह सिस्टम यूजर्स को उनके सभी UPI ट्रांजैक्शंस, ऑटोपे (AutoPay) और बैंक डिटेल्स को एक ही जगह कंट्रोल करने की सुविधा देता है। इसमें सुरक्षा के कई अभूतपूर्व फीचर्स जोड़े गए हैं:

सेफ्टी स्विच (Safety Switch): यदि किसी उपभोक्ता को अपने खाते में किसी संदिग्ध गतिविधि या हैकिंग का अंदेशा होता है, तो वह एक क्लिक में ‘सेफ्टी स्विच’ दबाकर अपने खाते से होने वाले सभी UPI डेबिट लेनदेन को तुरंत ब्लॉक कर सकता है।

UPI नंबर डिलिंक (Delink): इस विकल्प के जरिए यूजर्स जब चाहें अपने फोन नंबर पर आने वाले UPI भुगतानों को रोक सकते हैं।

पारदर्शिता और ऑटो-चार्जबैक: ट्रांजैक्शन पूरा होने से पहले यह प्लेटफॉर्म प्राप्तकर्ता (Beneficiary) की विस्तृत जानकारी दिखाएगा और गलत या अटके हुए भुगतानों के लिए स्वचालित चार्जबैक की सुविधा देगा।

ट्रांजैक्शन रिप्ले (Transaction Replay): किसी पुराने लेनदेन को याद रखकर यूजर उसे किसी भी ऐप से सीधे दोहरा सकते हैं।

89% डिजिटल हिस्सेदारी के साथ भविष्य की ओर बढ़ता भारत

मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, भारत में होने वाले कुल डिजिटल पेमेंट्स में अकेले UPI का योगदान 89 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। ऐसे में अब चुनौती सिर्फ डिजिटल भुगतान का विकल्प देने की नहीं, बल्कि उसे शत-प्रतिशत भरोसेमंद और नेटवर्क-मुक्त बनाने की थी। NPCI का मानना है कि ‘MyUPI’ और ‘टैप एंड पे’ मिलकर देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नई मजबूती देंगे और दूर-दराज के इलाकों में भी कैशलेस अर्थव्यवस्था का दायरा तेजी से बढ़ाएंगे।

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