Calcium Rich Indian Foods: बचपन से ही हमें यह सीख मिलती रही है कि मजबूत हड्डियों और दांतों के लिए रोजाना एक गिलास दूध पीना बहुत जरूरी है। लेकिन अगर आपको लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या है, दूध का स्वाद पसंद नहीं है या फिर आप अपनी डाइट में कुछ नया और ज्यादा पौष्टिक जोड़ना चाहते हैं, तो चिंता की कोई बात नहीं है। अमूमन लोग कैल्शियम का नाम आते ही अपनी डाइट में दूध की मात्रा बढ़ा देते हैं, जबकि हमारी अपनी भारतीय रसोई में ऐसी कई पारंपरिक चीजें छिपी हैं, जिनमें दूध के मुकाबले कहीं ज्यादा कैल्शियम मौजूद होता है।
बढ़ती उम्र के साथ शरीर में हड्डियों का कमजोर होना एक आम समस्या बनती जा रही है, जिससे कई बार लोगों का उठना-बैठना और चलना-फिरना तक दूभर हो जाता है। जहां 100 ग्राम दूध में लगभग 125 मिलीग्राम कैल्शियम मिलता है, वहीं हमारे देश के पारंपरिक अनाज और खाद्य पदार्थ इस मामले में काफी आगे हैं। दिल्ली की मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट लवनीत बत्रा बताती हैं कि तिल, रागी, राजगीरा, सहजन के पत्ते, अंजीर और राजमा जैसे देसी फूड्स हड्डियों को अंदर से मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
तिल और रागी हैं कैल्शियम के असली पावरहाउस
तिल को कैल्शियम का सबसे बेहतरीन और अचूक स्रोत माना जाता है। आंकड़ों के मुताबिक, 100 ग्राम बिना छिले तिल में करीब 975 मिलीग्राम कैल्शियम होता है, जो दूध की मात्रा से कई गुना ज्यादा है। इसके अलावा, इसमें मौजूद मैग्नीशियम शरीर में विटामिन-डी को एक्टिव करने का काम करता है, जिससे कैल्शियम हड्डियों में बेहतर तरीके से अवशोषित हो पाता है।
दूसरी ओर, रागी को भी किसी पावरहाउस से कम नहीं आंका जा सकता। सौ ग्राम रागी में करीब 344 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों और महिलाओं तक के लिए यह अनाज वरदान साबित होता है। इसे दलिया, रोटी या डोसे के रूप में आसानी से अपनी रोजमर्रा की थाली का हिस्सा बनाया जा सकता है।
राजगीरा, सहजन और अंजीर का कमाल
व्रत-उपवास में खाया जाने वाला राजगीरा भी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। 100 ग्राम राजगीरा में लगभग 215 मिलीग्राम कैल्शियम होता है। यह एक ग्लूटेन-फ्री अनाज है जिसमें फॉस्फोरस और लाइसिन जैसे पोषक तत्व भी होते हैं, जो हड्डियों की मरम्मत और मजबूती का काम करते हैं।
इसके साथ ही, सहजन यानी मोरिंगा के ताजे पत्तों में प्रति 100 ग्राम 185 मिलीग्राम कैल्शियम होता है। इनमें मौजूद विटामिन-सी पौधों से मिलने वाले कैल्शियम को शरीर में पूरी तरह इस्तेमाल होने में मदद करता है। इन्हें सब्जी, सूप या पराठों में आसानी से शामिल किया जा सकता है। वहीं, मीठे के शौकीन लोगों के लिए सूखा अंजीर एक बेहतरीन विकल्प है। 100 ग्राम सूखे अंजीर में करीब 162 मिलीग्राम कैल्शियम के साथ-साथ फाइबर और पोटैशियम भी भरपूर मात्रा में होते हैं, जो हड्डियों को लंबे समय तक सेहतमंद रखते हैं।
राजमा का स्वाद और सेहत का मेल
स्वादिष्ट राजमा सिर्फ खाने में ही लाजवाब नहीं होता, बल्कि यह पोषण से भी भरपूर है। 100 ग्राम कच्चे राजमा में लगभग 143 मिलीग्राम कैल्शियम मिलता है, जो सामान्य दूध से अधिक है। इसमें प्रोटीन, मैग्नीशियम और आयरन जैसे पोषक तत्व भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। हालांकि, राजमा को डाइट में शामिल करने से पहले उसे अच्छी तरह भिगोना और पकाना जरूरी है, ताकि शरीर उसके सभी पोषक तत्वों को आसानी से सोख सके।
सिर्फ दूध पर निर्भर रहना क्यों नहीं है काफी?
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत हड्डियों के लिए केवल कैल्शियम ही काफी नहीं है। इसके साथ शरीर में विटामिन-ड की सही मात्रा, नियमित धूप का सेवन, पर्याप्त प्रोटीन और फिजिकल एक्टिविटी भी उतनी ही जरूरी हैं। एक संतुलित और पारंपरिक आहार अपनाकर आप अपनी हड्डियों और दांतों को लंबी उम्र तक स्वस्थ और मजबूत रख सकते हैं।

