September 16, 2026

Rewari : एनएच-48 पर यातायात व्यवस्था और ओवरलोडिंग का मामला, मानव अधिकार आयोग ने रेवाड़ी एसपी से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

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Rewari : एनएच-48 पर यातायात व्यवस्था और ओवरलोडिंग का मामला, मानव अधिकार आयोग ने रेवाड़ी एसपी से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

Rewari : एनएच-48 पर यातायात व्यवस्था और ओवरलोडिंग का मामला, मानव अधिकार आयोग ने रेवाड़ी एसपी से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

Rewari : राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (NH-48) पर धारूहेड़ा क्षेत्र में ओवरलोड भारी वाहनों की आवाजाही, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और पीक आवर्स में लगने वाले भीषण जाम से त्रस्त आम जनता की परेशानी अब हरियाणा मानवाधिकार आयोग के दरवाजे तक पहुंच गई है।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए रेवाड़ी पुलिस अधीक्षक (SP) से मामले में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

Rewari : एनएच-48 पर यातायात व्यवस्था और ओवरलोडिंग का मामला, मानव अधिकार आयोग ने रेवाड़ी एसपी से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
एनएच-48 पर यातायात व्यवस्था और ओवरलोडिंग का मामला, मानव अधिकार आयोग ने रेवाड़ी एसपी से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

क्या है पूरा मामला?

खरखड़ा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश यादव द्वारा हरियाणा मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि धारूहेड़ा जैसे व्यस्त औद्योगिक क्षेत्र और एनएच-48 पर भारी व ओवरलोड वाणिज्यिक वाहनों की लगातार आवाजाही और रॉन्ग साइड ड्राइविंग के कारण आए दिन गंभीर जाम की स्थिति उत्पन्न होती है।

सुबह और शाम के पीक आवर्स में यह समस्या इतनी विकराल हो जाती है कि स्कूली बच्चों, एम्बुलेंस, नौकरीपेशा लोगों और रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नियमों की अनदेखी के चलते इस मार्ग पर सड़क हादसों का खतरा भी लगातार बना रहता है।

आयोग का निर्देश और अगली सुनवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा मानवाधिकार आयोग के सदस्य दीप भाटिया की पीठ ने रेवाड़ी एसपी को निर्देश दिया है कि वे डायरेक्टर जनरल ऑफ इन्वेस्टिगेशन के माध्यम से इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। रिपोर्ट में यह स्पष्ट करना अनिवार्य होगा कि:

  • एनएच-48 पर ओवरलोडिंग, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और जाम की समस्या को रोकने के लिए पुलिस द्वारा अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।

  • भविष्य में यातायात व्यवस्था को पूरी तरह सुचारu करने के लिए पुलिस प्रशासन की क्या कार्ययोजना है।

इस मामले की अगली सुनवाई आगामी 7 दिसंबर 2026 को गुरुग्राम स्थित नए पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में बनाए गए कैंप कोर्ट में होगी। मानवाधिकार आयोग के इस कड़े हस्तक्षेप के बाद अब स्थानीय लोगों को यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद बंधी है।

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