Rohtak Bar Council Election: रोहतक कोर्ट परिसर में जिला बार एसोसिएशन चुनाव का बिगुल बजते ही वकीलों के बीच सियासी पारा चढ़ गया है। नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही पहले दिन कोर्ट परिसर में समर्थकों का हुजूम देखने को मिला, जहां विभिन्न पदों के लिए कुल 13 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही उम्मीदवारों ने कचहरी परिसरों में जनसंपर्क अभियान भी तेज कर दिया है।
सहायक निर्वाचन अधिकारी (ARO) सुरेंद्र लौरा के अनुसार, नामांकन के पहले दिन वकीलों में खासा उत्साह देखा गया और कुल 41 अधिवक्ताओं ने नामांकन फॉर्म खरीदे। 5 सितंबर को पर्चा दाखिल करने का अंतिम दिन है, जिसके बाद फॉर्मों की जांच की जाएगी। 11 सितंबर को मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के ठीक बाद मतों की गिनती होगी और नतीजों का ऐलान कर दिया जाएगा।
प्रधान पद पर दीपक भारद्वाज तो उप-प्रधान के लिए रोहिला मैदान में
नामांकन के पहले दिन प्रधान पद के लिए अधिवक्ता दीपक भारद्वाज ने अपने समर्थकों के साथ पहुंचकर नामांकन पत्र भरा। वहीं, उप-प्रधान पद के लिए नरेंद्र कुमार रोहिला ने अपना पर्चा दाखिल किया है। इसके अलावा महासचिव पद के लिए करण सिंह नारंग ने ताल ठोकी है, जबकि खबर लिखे जाने तक संयुक्त सचिव पद के लिए किसी भी प्रत्याशी ने पर्चा दाखिल नहीं किया था।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान महिला अधिवक्ताओं की भी अच्छी-खासी भागीदारी देखने को मिली। कई महिला वकीलों ने विभिन्न पदों के लिए अपनी दावेदारी पेश करते हुए चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है, जिससे इस बार का मुकाबला और रोचक होने के आसार हैं।
कांग्रेस और भाजपा समर्थित गुटों में सीधी भिड़ंत के आसार
यूं तो बार एसोसिएशन का चुनाव किसी राजनीतिक दल के सीधे चुनाव चिह्न पर नहीं लड़ा जाता, लेकिन कचहरी की राजनीति में पर्दे के पीछे से राजनीतिक दलों का प्रभाव साफ नजर आता है। रोहतक बार में इस बार भी मुकाबला मुख्य रूप से कांग्रेस और भाजपा समर्थित गुटों के बीच ही माना जा रहा है।
कांग्रेस खेमे की बात करें तो 8 बार बार प्रधान रह चुके वरिष्ठ अधिवक्ता लोकेंद्र सिंह फौगाट के गुट का अपना मजबूत प्रभाव है। वहीं दूसरी तरफ, निवर्तमान प्रधान दीपक हुड्डा को भाजपा समर्थित खेमे का करीबी माना जाता है। ऐसे में दोनों राजनीतिक धड़ों से जुड़े वकीलों के बीच इस प्रतिष्ठापूर्ण मुकाबले में कांटे की टक्कर तय मानी जा रही है।
पिछले चुनाव में हुआ था हाई-वोल्टेज ड्रामा, चुनाव आयोग सख्त
गौरतलब है कि पिछले बार चुनाव के दौरान रोहतक बार एसोसिएशन में जमकर सियासी घमासान और ड्रामा देखने को मिला था। तब पूर्व प्रधान अरविंद श्योराण और दीपक हुड्डा आमने-सामने थे, लेकिन मतदान से ठीक पहले अरविंद श्योराण का वकालत का लाइसेंस सस्पेंड हो गया था। इसके बाद दूसरे प्रत्याशी दीपक हुड्डा को निर्विरोध प्रधान घोषित कर दिया गया था। उस वाकये को ध्यान में रखते हुए इस बार चुनाव अधिकारी काफी एहतियात बरत रहे हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ओम प्रकाश पूनिया ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन कमेटी पूरी तरह कटिबद्ध है। उन्होंने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी अधिवक्ता या उसके समर्थक ने बोगस मतदान करने या कराने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कराकर कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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