Rohtak Crime News: रोहतक में पानी की टंकी में मिला 22 साल की चेतना का शव, पति पर कार न मिलने पर हत्या का आरोप

रोहतक में पानी की टंकी में मिला 22 साल की चेतना का शव, पति पर कार न मिलने पर हत्या का आरोप
Rohtak Crime News: रोहतक शहर की नेहरू कॉलोनी में दहेज के दानव ने एक और नवविवाहिता की बलि ले ली। महज आठ महीने पहले ब्याही गई 22 वर्षीय चेतना का शव संदिग्ध परिस्थितियों में उसके ससुराल की छत पर रखी पानी की प्लास्टिक की टंकी में तैरता मिला। मायके पक्ष का सीधा आरोप है कि दहेज में कार की मांग पूरी न होने पर पति, सास और ससुर ने मिलकर चेतना की बेरहमी से हत्या की और वारदात को छिपाने के लिए शव को टंकी में फेंक दिया।
मृतका की पहचान झज्जर जिले के गांव माछरौली निवासी वीरेंद्र सिंह की बेटी चेतना के रूप में हुई है। चेतना की शादी दिसंबर 2025 में रोहतक की नेहरू कॉलोनी निवासी मनीष के साथ हुई थी। परिजनों का कहना है कि शादी के बाद से ही ससुराल के लोग दहेज के लिए चेतना को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।
कार की मांग को लेकर होती थी मारपीट, 15 अगस्त को समझाने पहुंचे थे पिता
मृतका के पिता वीरेंद्र सिंह ने भरे गले से बताया कि शादी के कुछ दिन बाद से ही चेतना का पति मनीष दहेज में चौपहिया गाड़ी (कार) लाने की जिद पर अड़ा हुआ था। इस बात को लेकर आए दिन बेटी के साथ मारपीट की जाती थी। दो-तीन बार रिश्तेदारों और सामाजिक स्तर पर पंचायत करके मामला सुलझाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन आरोपियों की नीयत नहीं बदली।
स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के दिन वीरेंद्र सिंह खुद बेटी के ससुराल पहुंचे थे और हाथ-पैर जोड़कर परिवार को समझाने की कोशिश की थी। वह चेतना को अपने साथ मायके ले जाना चाहते थे, लेकिन ससुराल वालों ने उसे भेजने से साफ मना कर दिया और उनके सामने ही बेटी को अंजाम भुगतने की धमकियां दीं।
‘गुमशुदगी का नाटक रचा, फिर 2.4 फुट पानी में मिला शव’
घटनाक्रम का खुलासा करते हुए वीरेंद्र सिंह ने बताया कि 16 अगस्त की रात करीब 10 बजे चेतना के ससुराल वालों का फोन आया कि वह बिना बताए कहीं चली गई है। सूचना मिलते ही वह अपने साढू कुलदीप राठी के साथ रोहतक पहुंचे और बेटी की तलाश शुरू की। परिजनों ने तुरंत पुलिस को भी इसकी जानकारी दी।
लेकिन रात करीब 11 बजे के बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने अचानक बताया कि चेतना का शव छत पर रखी पानी की टंकी में पड़ा है। पिता का कहना है कि प्लास्टिक की उस टंकी में महज 2.4 फुट पानी था, जिसमें किसी वयस्क का डूबना नामुमकिन है। आरोपियों ने पुलिस और मायके पक्ष को गुमराह करने के लिए पहले गुमशुदगी की झूठी कहानी गढ़ी और फिर शव को टंकी में डालकर हादसे का रूप देने की कोशिश की।
पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराकर दर्ज किया मुकदमा
घटना की सूचना पर सिटी थाने से पुलिस बल मौके पर पहुंचा और शव को पानी की टंकी से बाहर निकालकर कब्जे में लिया। सिटी थाना के जांच अधिकारी एएसआई संजीत सिंह ने बताया कि मृतका के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
मायके पक्ष के बयानों और लिखित शिकायत के आधार पर पति मनीष, ससुर राजेंद्र और सास शीला देवी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों का खुलासा होगा, फिलहाल मामले की गहनता से तफ्तीश जारी है।
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