August 11, 2026

Rohtak News: रोहतक में ड्रेन नंबर-8 टूटने से हड़कंप, सिसरोली और टिटोली के खेतों में भरा पानी, फसलें तबाह

0
Rohtak News: रोहतक में ड्रेन नंबर-8 टूटने से हड़कंप, सिसरोली और टिटोली के खेतों में भरा पानी, फसलें तबाह

रोहतक में ड्रेन नंबर-8 टूटने से हड़कंप, सिसरोली और टिटोली के खेतों में भरा पानी, फसलें तबाह

Rohtak News: मानसून की बारिश के बीच रोहतक जिले के किसानों पर एक बार फिर आफत आन पड़ी है। सिसरोली और टिटोली गांव के बीच से गुजरने वाली ड्रेन नंबर-8 में मंगलवार सुबह अचानक करीब 20 फुट लंबा कटाव आ गया। तेज बहाव के साथ ड्रेन का पानी आसपास के खेतों में फैलने लगा, जिससे देखते ही देखते सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। ड्रेन टूटने की खबर फैलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और वे तुरंत बचाव के लिए खेतों की तरफ दौड़े।

घटना की जानकारी फौरन सिंचाई विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला और सिंचाई विभाग के अधिकारी तकनीकी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। विभाग के कर्मचारियों ने जेसीबी मशीनों और ग्रामीणों के सहयोग से ड्रेन के कटाव को पाटने और पानी के बहाव को रोकने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है।

सफाई न होने से हर साल टूटती है ड्रेन, विभाग की लापरवाही से किसान परेशान

गोहाना की तरफ से आने वाली ड्रेन नंबर-8 मुख्य रूप से इलाके के बरसाती पानी की निकासी के लिए बनाई गई थी। हालांकि, स्थानीय किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग मानसून से पहले कभी भी इस ड्रेन की तली झाड़कर सफाई नहीं कराता। कचरा और झाड़ियां जमने के कारण ड्रेन की जलधारण क्षमता आधी रह गई है। हर साल थोड़ा सा भी पानी बढ़ने पर यह ओवरफ्लो होकर टूट जाती है, जिसका खामियाजा सीधे तौर पर किसानों को भुगतना पड़ता है।

खेतों में पानी भरने से फसलें बर्बाद, किसानों ने मांगी स्थायी समाधान की गारंटी

ड्रेन के टूटने से आसपास के खेतों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया है। इस समय खेतों में खड़ी धान, बाजरा और कपास की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। पानी का बहाव इतना तेज था कि कई जगह नई लगाई गई पौध जड़ से उखड़कर बाहर आ गई। किसानों का कहना है कि अगर पानी जल्दी नहीं निकाला गया तो उनकी पूरी लागत और मेहनत स्वाहा हो जाएगी।

पीड़ित किसानों ने रोहतक प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि ड्रेन नंबर-8 की पक्की व्यवस्था की जाए और समय पर सफाई का पुख्ता इंतजाम हो, ताकि हर साल होने वाले इस नुकसान से उन्हें राहत मिल सके। साथ ही प्रभावित किसानों ने फसल नुकसान के गिरदावरी कराकर उचित मुआवजे की गुहार लगाई है।

यह भी पढ़ें– Karnal SDM Office Fire: करनाल जिला सचिवालय में भीषण आग, एसडीएम दफ्तर की अहम फाइलें और सामान जला

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed