Rohtak News: रोहतक जिले में इन दिनों फसलों की बिजाई और देखभाल के समय यूरिया खाद के लिए किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। एक तरफ खाद की किल्लत से अन्नदाता जूझ रहे हैं, तो दूसरी तरफ किसानों के नाम पर होने वाले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में फर्जीवाड़ा करके खेल खेला जा रहा है। ताजा मामला मकड़ोली खुर्द गांव का सामने आया है, जहां एक खाद विक्रेता की हेराफेरी ने न सिर्फ किसान बल्कि सरकार को भी सकते में डाल दिया है। सब्सिडी वाले यूरिया को लेकर चल रहे इस खेल ने प्रशासनिक तंत्र पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
गांव मकड़ोली खुर्द के रहने वाले किसान महावीर पुत्र जयलाल ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि उन्हें खेतों के लिए समय पर यूरिया नहीं मिल रहा था। जब वे स्थानीय अनाज मंडी में खाद लेने पहुंचे, तो उन्हें बमुश्किल एक कट्टा मिल पाया। इसके बाद जब वे दोबारा ‘मंगला ट्रेडर्स’ नामक खाद विक्रेता की दुकान पर पहुंचे, तो वहां उनके होश उड़ गए। जांच में सामने आया कि दुकानदार ने ऑनलाइन पोर्टल पर हेराफेरी करते हुए उनके खाते में एक या दो नहीं, बल्कि पूरे 49 कट्टे यूरिया दर्शा रखा था, जबकि हकीकत में उन्हें महज एक कट्टा ही दिया गया था।
न मैसेज आया, न ही मिला पूरा कोटा
किसान महावीर ने बताया कि जब उन्होंने दुकान से खाद खरीदा था, तब उनके मोबाइल पर कोई सरकारी ओटीपी या कंफर्मेशन मैसेज तक नहीं आया था। उनके पास कुल 8 एकड़ जमीन है, जिसका बाकायदा पोर्टल पर पंजीकरण है।
नियमानुसार प्रति एकड़ 4 कट्टे के हिसाब से उन्हें सीजन में करीब 32 कट्टे यूरिया मिलना चाहिए था, लेकिन इस बार उन्हें विभिन्न दुकानों के चक्कर काटने के बावजूद बमुश्किल 20-22 कट्टे ही नसीब हुए हैं। खाद के नाम पर इस तरह का फर्जीवाड़ा देख किसान ने तुरंत कदम उठाया और कृषि विभाग के दफ्तर पहुंचकर आरोपी दुकानदार के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।
कृषि विभाग ने लिया संज्ञान, नोटिस जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग हरकत में आ गया है। विभाग के क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि किसान महावीर की शिकायत पर कड़ा संज्ञान लिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि किसान को एक कट्टा देकर पीओएस (POS) मशीन के जरिए उसके नाम 49 कट्टे कैसे चढ़ा दिए गए, इसकी पड़ताल की जा रही है।
विभाग ने संबंधित खाद विक्रेता मंगला ट्रेडर्स को नोटिस जारी कर दिया है। दुकानदार ने अपना स्टॉक और रिकॉर्ड दिखाने के लिए दो दिन का समय मांगा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि यह गलती अनजाने में हुई है, तो चेतावनी देकर छोड़ा जाएगा, लेकिन अगर यह किसी बड़े घोटाले का हिस्सा निकला या जानबूझकर गड़बड़ी पाई गई, तो बिना किसी ढिलाई के दुकानदार का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। इस मामले की गूंज सीएम विंडो तक भी पहुंच चुकी है, जिसके चलते प्रशासन जल्द से जल्द स्पष्ट रिपोर्ट तैयार करने में जुटा है।
यह भी पढ़ें– Gurugram Accident: गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा, बालाजी से लौट रहे परिवार की कार बस से टकराई, 3 की मौत

