August 20, 2026

Sirsa Farmers Protest: सिरसा में टला बड़ा प्रशासनिक टकराव: 6 दिन बाद जलघर की टंकी से उतरे किसान, धरना खत्म

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Sirsa Farmers Protest: सिरसा में टला बड़ा प्रशासनिक टकराव: 6 दिन बाद जलघर की टंकी से उतरे किसान, धरना खत्म

सिरसा में टला बड़ा प्रशासनिक टकराव: 6 दिन बाद जलघर की टंकी से उतरे किसान, धरना खत्म

Sirsa Farmers Protest: सिरसा के वैदवाला गांव में बिजली के टावरों के उचित मुआवजे की मांग को लेकर पिछले छह दिनों से जारी गतिरोध आखिरकार बुधवार को खत्म हो गया। खेतों में लगे टावरों और लाइनों को उखाड़ने के अल्टीमेटम के बीच जिला प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए आंदोलनकारियों के साथ वार्ता का रास्ता खोला। डीसी शांतनु शर्मा, एडीसी अर्पित संगल और एसपी दीपक सहारण की प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर किसान प्रतिनिधियों से गहन चर्चा की और मांगों पर सहमति बनने के बाद जलघर की टंकी पर चढ़े किसानों को सुरक्षित नीचे उतरवाया।

एडीसी की अगुवाई में बनी पंद्रह सदस्यीय कमेटी, 10 दिन में आएगी रिपोर्ट

प्रशासन और किसान संगठनों के बीच हुई वार्ता में तय हुआ कि एडीसी अर्पित संगल की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी बनाई जाएगी। इस कमेटी में तीन किसान प्रतिनिधियों के साथ-साथ बिजली निगम के तकनीकी अधिकारियों को भी जगह दी गई है। यह टीम अधिग्रहित जमीन और टावरों के कारण हुए नुकसान का दोबारा पारदर्शी तरीके से मूल्यांकन करेगी और 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके अलावा, रिपोर्ट आने के बाद किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से सीधी मुलाकात का आश्वासन भी दिया गया है।

पुलिस केस न दर्ज होने के आश्वासन से नरम पड़ा रुख

आंदोलन समाप्त होने में सुरक्षा तंत्र के रुख की भी अहम भूमिका रही। बातचीत के दौरान किसान नेताओं ने धरने और अल्टीमेटम को लेकर संभावित पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताई थी। इस पर एसपी दीपक सहारण ने स्थिति स्पष्ट करते हुए भरोसा दिलाया कि आंदोलन में शामिल किसी भी किसान या ग्रामीण के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद माहौल में घुली तल्खी कम हुई और किसान संगठन आंदोलन खत्म करने पर सहमत हो गए।

चढ़ूनी ने पहनाया सिरोपा, उखाड़ने का अल्टीमेटम वापस

धरनास्थल पर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी की मौजूदगी में टंकी पर डटे खेत मालिक भूपेंद्र सिंह और किसान वेदप्रकाश को नीचे उतारा गया। इसके बाद चढ़ूनी ने दोनों का सिरोपा पहनाकर सम्मान किया। चढ़ूनी ने कहा कि यह आंदोलन किसानों के अनुशासन और मजबूती की जीत है। उल्लेखनीय है कि मुआवजा न मिलने से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार दोपहर दो बजे खेतों में घुसकर टावर उखाड़ने का ऐलान किया था, जिसके बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा था। समय रहते निकले इस समाधान से क्षेत्र में किसी भी संभावित हिंसक टकराव को टाल दिया गया।

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