Sonipat International School News: हरियाणा के सोनीपत स्थित नामी ‘ऑर्किड्स द इंटरनेशनल स्कूल’ एक बार फिर अनुशासन और सुरक्षा के मोर्चे पर घिर गया है। स्कूल के भीतर पढ़ाई के मंदिर कहे जाने वाले क्लासरूम में जो हुआ, उसने हर अभिभावक को झकझोर कर रख दिया है। इकोनॉमिक्स की क्लास चल रही थी और कमरे में कोई शिक्षक या अटेंडेंट मौजूद नहीं था। इसी दौरान कुछ दबंग छात्रों ने पहले एक छात्र को जैकेट से मुंह ढककर पीटना शुरू कर दिया। जब उसके भाई ने इस घिनौनी हरकत का विरोध किया, तो आक्रोशित छात्रों ने उस पर भी जानलेवा हमला कर दिया और सिर पर कड़े से वार कर लहूलुहान कर दिया।
भाई को बचाने की कोशिश पड़ी भारी, सिर में लगे टांके
पीड़ित छात्र गोविंद ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि वह इसी स्कूल में 11वीं कक्षा का छात्र है। घटना के वक्त जब उसने अपने भाई को बचाने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उसका ही निशाना बदल लिया। गुस्से में अंधी हो चुकी भीड़ ने उस पर हमला कर दिया और उसके सिर पर कड़े से जोरदार प्रहार किया। वार इतना भीषण था कि खून का फव्वारा छूट गया और उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाना पड़ा। डॉक्टरों ने उसके सिर पर गहरे टांके लगाए और अंदरूनी चोट की आशंका के चलते सीटी स्कैन भी करवाना पड़ा।
धमकाने और पर्दा डालने की कोशिश का आरोप
घटना यहीं नहीं थमी। परिजनों का आरोप है कि जब घायल गोविंद को एंबुलेंस या अस्पताल ले जाया जा रहा था, तब भी आरोपी छात्र उसे लगातार डरा-धमका रहे थे। उस पर दबाव बनाया जा रहा था कि वह घर या स्कूल प्रशासन के सामने यह सच न खोले कि उसके साथ मारपीट हुई है। इसके बजाय उसे यह रटाया जा रहा था कि वह सीढ़ियों या फर्श पर फिसलकर गिरा है, जिससे उसे चोट लगी।
पिता का छलका दर्द, इंटरनेशनल दावों पर उठाए सवाल
गोविंद के पिता सतबीर सिंह ने स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली पर कड़ा रोष जताया है। उन्हें स्कूल से फोन पर सूचना मिली थी कि बच्चे को अस्पताल ले जाया जा रहा है, लेकिन पहले उन्हें गुमराह करने की कोशिश की गई। जब वे अस्पताल पहुंचे तो हालात देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
दुखी पिता ने सवाल उठाया कि जो संस्थान ‘इंटरनेशनल स्टैंडर्ड’ और आधुनिक सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करते हैं, उनके क्लासरूम में क्लास के दौरान टीचर या अटेंडेंट क्यों नहीं होते? अगर बच्चे स्कूल के भीतर ही सुरक्षित नहीं हैं, तो अभिभावक अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा ऐसे संस्थानों में क्यों खर्च करें। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि बच्चों की परवरिश में पैरेंट्स की भी भूमिका होती है, लेकिन स्कूल प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ सकता।
स्कूल प्रशासन ने की कार्रवाई, पुलिस जांच में जुटी
मामले के तूल पकड़ने और सोशल मीडिया पर गर्माने के बाद स्कूल के प्रिंसिपल रोहित शर्मा ने सफाई दी है। उन्होंने बताया कि प्रबंधन ने संज्ञान लेते हुए अनुशासनहीनता और मारपीट करने वाले छात्रों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। पूरे प्रकरण की अंदरूनी जांच के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया गया है।
दूसरी ओर, बहालगढ़ थाना पुलिस का कहना है कि घटना की सूचना मिल चुकी है। पीड़ित परिवार की तरफ से औपचारिक शिकायत मिलते ही कानून के मुताबिक सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


