Study Abroad Reality: चमकती हुई सड़कों, गगनचुंबी इमारतों और सोशल मीडिया रील्स की रंगीन दुनिया को देखकर विदेश भागने की होड़ मची हुई है। इसी बीच फ्रांस की राजधानी पेरिस से भारतीय युवा तनिष्क लोहान का एक वीडियो सामने आया है, जो हर उस शख्स की आंखें खोलने के लिए काफी है जो बिना किसी ठोस योजना के बोरिया-बिस्तर बांधने की तैयारी में है। तनिष्क ने बिना किसी लाग-लपेट के साफ कहा कि विदेश जाने के सपने और वहां की जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर है।
कम्फर्ट जोन खत्म, पार्ट-टाइम जॉब के लिए भी तरसते हैं युवा
तनिष्क के मुताबिक, भारत में पढ़ाई के नाम पर लोग 50 से 60 लाख रुपये तक का एजुकेशन या पर्सनल लोन उठाकर आसानी से विदेश तो आ जाते हैं, लेकिन असली परीक्षा यहां कदम रखते ही शुरू होती है।
घर की सुख-सुविधाएं पीछे छूट जाती हैं और विदेशी धरती पर कोई भी आसानी से काम देने को तैयार नहीं होता। एक छोटी-मोटी पार्ट-टाइम नौकरी ढूंढने में ही हफ्तों पसीना बहाना पड़ता है। उस पर से नई भाषा सीखना और स्थानीय लोगों के बीच सामंजस्य बैठाना मानसिक रूप से तोड़कर रख देता है।
मानसिक रूप से मजबूत होना पहली शर्त
अपनी बात रखते हुए तनिष्क ने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी को विदेश जाने से मना नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर आपके पास सही वजह और मजबूत इरादे हैं, तो जरूर जाइए।
लेकिन अगर आप केवल रील्स देखकर और ‘कूल’ दिखने की चाह में लाखों रुपये दांव पर लगा रहे हैं, तो आगे चलकर सिर्फ पछतावा ही हाथ लगेगा। बिना अपनों के अकेले रहना और हर चीज के लिए खुद संघर्ष करना बेहद थका देने वाला अनुभव होता है।
इंटरनेट पर छिड़ी बहस, यूजर्स बोले- ‘यह बिल्कुल सच है’
तनिष्क के इस वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। कई यूजर्स ने उनकी बेबाक राय की तारीफ की है।
एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि लोग अक्सर विदेश जाने को लेकर या तो बढ़ा-चढ़ाकर बताते हैं या फिर डराते हैं, लेकिन यह वीडियो बिल्कुल संतुलित और सच के करीब है। वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा कि कम्फर्ट जोन में रहकर कामयाबी नहीं मिलती, अगर आप मेहनत नहीं कर सकते तो विदेश जाने का सोचना ही बेकार है।

