Train First AC Theft Alarm Chain: भारतीय रेलवे में सफर के दौरान फर्स्ट एसी (First AC) कोच को हमेशा से सबसे सुरक्षित और आरामदायक विकल्प माना जाता है। इस श्रेणी में टिकट के ऊंचे दाम चुकाने वाले यात्रियों को भरोसा होता है कि वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे। लेकिन सिलचर-ओखा एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 15726) में हुई एक घटना ने रेलवे के इन तमाम दावों की हवा निकाल दी है। ट्रेन के प्रीमियम कोच में सफर कर रही एक महिला यात्री के लाखों रुपये के गहने और नकदी चोरी हो गए। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जब महिला ने मदद के लिए आपातकालीन जंजीर (Alarm Chain) खींची, तो रेलवे का कोई भी नुमाइंदा उसकी सुधि लेने नहीं आया।
लखनऊ स्टेशन पर उड़े होश, बैग से गायब मिले ढाई लाख के जेवर
A woman travelling in a First AC coupe on Train No. 15726 was robbed at Lucknow station. Her jewellery worth ₹2.5 lakh and ₹25,000 in cash were stolen.
She claims she pulled the emergency chain four times but received no help from RPF or railway staff.
If passengers aren’t safe even in First AC, who is responsible for their security?
— Gems Of Railway (@GemsOfRailway) November 5, 2026
घटना उत्तर प्रदेश के लखनऊ रेलवे स्टेशन के आसपास की बताई जा रही है। पीड़ित महिला जब अपने सफर के दौरान सामान की तरफ متوجह हुई, तो उनके होश उड़ गए। उनके बैग से लगभग 2.5 लाख रुपये कीमत के सोने के जेवरात और 25 हजार रुपये नकद गायब थे। कुल मिलाकर करीब 2.75 लाख रुपये का सामान चोरी हो चुका था। अचानक हुई इस चोरी से घबराई महिला ने तत्काल मदद पाने की गुहार लगाने के लिए ट्रेन की इमरजेंसी अलार्म चेन खींचनी शुरू कर दी।
चार बार खींची गई चेन, टस से मस नहीं हुआ रेलवे अमला
आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए भारतीय रेल गाड़ियों में चेन पुलिंग की व्यवस्था करती है, ताकि जरूरत पड़ने पर ट्रेन रोकी जा सके और सुरक्षा बल तुरंत मौके पर पहुंच सकें। लेकिन इस मामले में व्यवस्था पूरी तरह कागजी साबित हुई। पीड़िता का गंभीर आरोप है कि उन्होंने ट्रेन को रुकवाने और मदद पाने के लिए एक या दो बार नहीं, बल्कि पूरे चार बार इमरजेंसी चेन खींची। इसके बावजूद न तो आरपीएफ (RPF) का कोई जवान उनकी सीट तक पहुंचा और न ही किसी टीटीई या रेलवे कर्मचारी ने उनसे संपर्क करने की जहमत उठाई। गंभीर अपराध होने के बावजूद ट्रेन बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ती रही।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, भड़के यात्री
इस पूरी लापरवाही और बदइंतजामी से आहत महिला यात्री का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों के रवैये पर खुलकर अपना गुस्सा जाहिर करती नजर आ रही हैं। उनका साफ कहना है कि जब देश की ट्रेनों के सबसे महंगे और सुरक्षित कहे जाने वाले फर्स्ट एसी कोच का यह हाल है, तो आम जनसामान्य वाले जनरल या स्लीपर कोचों में यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही होगी।
वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट यूजर्स भी रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यशैली की तीखी आलोचना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रीमियम किराए वसूलने के बाद भी यदि यात्रियों को सुरक्षा और आपातकालीन सहायता न मिल सके, तो यह रेलवे की बड़ी नाकामी है। फिलहाल इस मामले के तूल पकड़ने के बाद रेलवे अधिकारियों की भूमिका पर भी सवालिया निशान लग गए हैं।


