Yamunanagar News: यमुनानगर के खंडवा गांव के पास कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए बदमाशों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। जोडिया की एक प्लाईवुड फैक्ट्री में काम करने वाला अनिल बुधवार रात जब अपनी महीने भर की कमाई लेकर घर लौट रहा था, तभी घात लगाए बैठे 10 से 15 युवकों ने उसे घेर लिया। हमलावरों ने अनिल का बाइक से पीछा किया और सुनसान रास्ता देखते ही उसे दबोच लिया। इसके बाद आरोपी उसे जबरन सड़क किनारे खेतों में खींच ले गए और पंच व तेजधार हथियारों से उस पर ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए।
मरा हुआ समझकर फेंक गए, डेढ़ घंटे बाद आया होश
हमलावरों का मन इतने से भी नहीं भरा, वे अनिल को तब तक पीटते और काटते रहे जब तक वह लहूलुहान होकर बेसुध नहीं हो गया। जब अनिल के शरीर में कोई हलचल नहीं हुई, तो हमलावर उसे मरा हुआ समझकर मौके से रफूचक्कर हो गए। करीब डेढ़ घंटे तक अनिल खेतों में जिंदगी और मौत के बीच जूझता हुआ पड़ा रहा। होश आने पर उसने किसी तरह हिम्मत जुटाई और अपने फोन से परिजनों को इस खौफनाक वारदात की जानकारी दी। परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और लहूलुहान हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया।
30 हजार रुपये और चांदी की चेन लूटी
अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी की जंग लड़ रहे अनिल ने बताया कि बुधवार को ही उसे फैक्ट्री से वेतन मिला था। उसकी जेब में करीब 30 हजार रुपये कैश थे और गले में चांदी की चेन थी, जिसे हमलावर लूट ले गए। अनिल के मुताबिक, हमलावरों में एक चेहरा उसका जाना-पहचाना था, जो पहले उसी के साथ फैक्ट्री में काम करता था। इसी रंजिश के चलते इस पूरी वारदात की स्क्रिप्ट लिखी गई थी।
एक महीने पहले भी हुआ था हमला, पुलिस की सुस्ती पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित के ठेकेदार राजेंद्र ने बताया कि हमलावरों में शामिल रवि नाम का युवक पहले उसके पास काम करता था और पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। करीब एक महीने पहले भी रवि ने अपने साथी आमिर के साथ शराब के नशे में उनके साथ मारपीट की थी। उस वक्त भी पुलिस को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन खाकी ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ठेकेदार और पीड़ित परिवार ने अब पुलिस के आला अधिकारियों से गुहार लगाई है कि आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए।
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