जिला में 106 चिन्हित बच्चों को मिलेगा नया जीवन, फोस्टर केयर व स्कूली शिक्षा से जोड़ेगा प्रशासन

Narnaul News: हरियाणा सरकार की बाल कल्याण एवं पुनर्वास नीतियों को धरातल पर पूरी मजबूती से लागू करते हुए जिला प्रशासन ने संकटग्रस्त बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उपायुक्त अनुपमा अंजली ने अपने कार्यालय में बच्चों से संबंधित संवेदनशील मामलों की समीक्षा करते हुए चिन्हित 106 असुरक्षित बच्चों को फोस्टर केयर योजना के तहत पुनर्वासित करने और उन्हें तुरंत नियमित स्कूली शिक्षा से जोड़ने के सख्त निर्देश दिए हैं। उपायुक्त ने स्पष्ट संदेश दिया कि बच्चे ही देश और परिवार की वास्तविक नींव हैं, इसलिए प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित परिवेश, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुसंस्कार उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उपायुक्त ने कहा कि जब समाज का हर बच्चा शिक्षित, सुरक्षित और संस्कारित बनेगा, तभी हमारा देश विकसित भारत की अग्रिम पंक्ति में दृढ़ता के साथ खड़ा होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन सभी बच्चों को हरियाणा सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रायोजन (स्पॉन्सरशिप) एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाया जाए, ताकि किसी भी स्थिति में आर्थिक तंगी या पारिवारिक प्रतिकूलताएं उनके उज्ज्वल भविष्य में बाधा न बन सकें।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र राव ने भी बच्चों के संरक्षण व सहायता को लेकर अपने सुझाव साझा किए।
समीक्षा बैठक में बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के अध्यक्ष राजेश राज गोयल ने समिति के कार्यों का विस्तृत ब्यौरा रखा। उन्होंने बताया कि जिला बाल संरक्षण इकाई और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से बाल श्रम व भिक्षावृत्ति के दलदल से निकाले गए बच्चों का संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जा चुका है। साथ ही पारिवारिक व सामाजिक परिस्थितियों के आधार पर जिले के ऐसे बच्चों का व्यवस्थित डेटा तैयार किया गया है, जिन्हें फोस्टर केयर के सुरक्षित दायरे में लाया जाना आवश्यक है।
बैठक में जिला बाल संरक्षण इकाई से गैर-संस्थागत बाल संरक्षण अधिकारी सुषमा यादव ने पुनर्वास और सरकार की स्पॉन्सरशिप योजनाओं की तकनीकी व विधिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
उपायुक्त ने बाल कल्याण समिति की कार्यशैली की सराहना करते हुए नागरिकों से अपील की कि संकटग्रस्त, उपेक्षित अथवा पीड़ित बच्चों की जानकारी मिलते ही तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कॉल करें, ताकि समय रहते उन्हें कानूनी संरक्षण व पुनर्वास उपलब्ध कराया जा सके।
इस मौके पर सीडब्ल्यूसी सदस्या सुमन यादव, सुशीला कुमारी, संस्थागत बाल संरक्षण अधिकारी संतोष कुमारी, गैर-संस्थागत बाल संरक्षण अधिकारी सुषमा यादव, बाल परामर्शदाता सुमन, सामाजिक कार्यकर्ता गरिमा वर्मा व कमल तथा आउटरीच वर्कर मनोज मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
