August 5, 2026

Chandigarh bribery case: चंडीगढ़ में बापूधाम चौकी इंचार्ज और ASI रिश्वत लेते गिरफ्तार, CBI की ट्रैप कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप

0
Chandigarh bribery case: चंडीगढ़ में बापूधाम चौकी इंचार्ज और ASI रिश्वत लेते गिरफ्तार, CBI की ट्रैप कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप

चंडीगढ़ में बापूधाम चौकी इंचार्ज और ASI रिश्वत लेते गिरफ्तार

Chandigarh bribery case: चंडीगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सेक्टर-26 थाना क्षेत्र की बापूधाम पुलिस चौकी के प्रभारी सब-इंस्पेक्टर (एसआई) सुरेश कुमार और एएसआई भगत सिंह को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मी एक चीटिंग के मामले में कार्रवाई को प्रभावित करने या राहत देने के बदले शिकायतकर्ता से रिश्वत मांग रहे थे। गिरफ्तारी के बाद चंडीगढ़ पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।

सीबीआई की इस कार्रवाई को पुलिस तंत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ अहम कदम माना जा रहा है। एजेंसी अब पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने और रिश्वतखोरी के आरोपों की विस्तृत जांच में जुटी है।

 

शिकायत के बाद सीबीआई ने बिछाया ट्रैप

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बापूधाम कॉलोनी निवासी सुरजीत ने सीबीआई को शिकायत दी थी कि चीटिंग के एक मामले में उसे राहत देने अथवा पुलिस कार्रवाई को प्रभावित करने के बदले रिश्वत की मांग की जा रही है। सीबीआई ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया। जांच एजेंसी ने कथित रिश्वत लेते समय दोनों पुलिस अधिकारियों को रंगे हाथ पकड़ लिया और तुरंत हिरासत में ले लिया।

 

पूछताछ जारी, रिश्वत की रकम और पूरे नेटवर्क की जांच

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई दोनों आरोपितों से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच का फोकस इस बात पर है कि रिश्वत की मांग किन परिस्थितियों में की गई, कितनी राशि ली जा रही थी और क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है।
जांच एजेंसी संबंधित दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। आवश्यकता पड़ने पर आरोपितों से जुड़े स्थानों पर तलाशी भी ली जा सकती है।

 

पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद चंडीगढ़ पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति है। विभागीय स्तर पर भी मामले पर नजर रखी जा रही है। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद दोनों आरोपितों को विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और एजेंसी सभी तथ्यों को जुटाने में लगी हुई है।

 

भ्रष्टाचार के मामलों में ट्रैप कार्रवाई क्यों अहम होती है

रिश्वतखोरी के मामलों में ट्रैप कार्रवाई इसलिए महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि इसमें शिकायत के सत्यापन के बाद आरोपित को कथित तौर पर रिश्वत स्वीकार करते समय पकड़ा जाता है। इससे जांच एजेंसी को मामले से जुड़े प्रत्यक्ष साक्ष्य जुटाने में मदद मिलती है। हालांकि, अंतिम रूप से दोष तय करना न्यायालय की प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed