Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र में बंदी सिखों की रिहाई पर बड़ा प्रदर्शन- जत्थेदार झींडा बोले – ‘बंदी सिखों को रिहा न करना मानवाधिकारों का खुला हनन’
कुरुक्षेत्र में बंदी सिखों की रिहाई पर बड़ा प्रदर्शन- जत्थेदार झींडा बोले - 'बंदी सिखों को रिहा न करना मानवाधिकारों का खुला हनन'
Kurukshetra News: सजा पूरी कर चुके बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर जारी विरोध प्रदर्शन अब और तेज होता जा रहा है। शनिवार शाम 4 से 5 बजे के बीच मीरी पीरी चौक (Miri Piri Chowk Kurukshetra Protest) पर दिए जा रहे धरने में भाई जगतार सिंह हवारा के धर्मी पिता बापू गुरचरण सिंह हवारा (Gurcharan Singh Hawara Kurukshetra) और हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा (Jagdish Singh Jhinda HSGMC) विशेष रूप से पहुंचे। इस दौरान कमेटी के वरिष्ठ सदस्यों और पंथिक संगतों ने एकजुट होकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला।
धरने में (Haryana Sikh Gurdwara Management Committee) के मेंबर हरमनप्रीत सिंह, इंद्रजीत सिंह, सुखजिंदर सिंह मसाना, सुखपाल सिंह बुटर और यात्रा विभाग के प्रभारी हरकीरत सिंह सहित कई प्रमुख शख्सियतें और प्रबंधक मौजूद रहे।
‘अन्य कैदियों को पैरोल, लेकिन सिखों के साथ दोहरा रवैया’— बापू गुरचरण सिंह हवारा
संगत को संबोधित करते हुए बापू गुरचरण सिंह हवारा ने कहा कि अपनी कानूनी सजा पूरी कर चुके बंदी सिखों को जेलों में बंद रखना पूरी तरह से गैर-कानूनी और असंवैधानिक है। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ संगीन अपराधों में सजा काट रहे अन्य कैदियों को समय-समय पर पैरोल और फरलो दी जाती है, वहीं दूसरी तरफ सिख बंदियों के साथ सरासर भेदभाव किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बंदी सिखों को न तो रिहा किया जा रहा है और न ही उन्हें कानून के मुताबिक पैरोल दी जा रही है। उन्होंने सिख कौम से अपील की कि वे अपने हक और न्याय की इस लड़ाई में एकजुट होकर कुरुक्षेत्र में जारी इस मोर्चे का समर्थन करें।
‘आजादी में 80 फीसदी कुर्बानियां देने वाली कौम आज न्याय को तरस रही’— जत्थेदार झींडा
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बंदी सिखों की रिहाई की मांग कोई असंवैधानिक मांग नहीं है, बल्कि यह मानवाधिकारों से जुड़ा सीधा मामला है। सजा भुगत चुके कैदियों को सलाखों के पीछे रखना मानवाधिकारों का खुला हनन है।
जत्थेदार झींडा ने याद दिलाया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने पहले सिख बंदियों की रिहाई (Sikh Prisoners Release Demand) का आश्वासन दिया था, लेकिन अब उनसे माफी मांगने जैसी शर्तें जोड़कर मामले को लगातार लटकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस सिख कौम ने देश की आजादी की लड़ाई में 80 प्रतिशत से अधिक कुर्बानियां दीं, उसी कौम को आज अपने जायज हक और न्याय के लिए सड़कों पर उतरकर धरना देना पड़ रहा है।
2 अक्टूबर को फतेहगढ़ साहिब से निकलेगा विशाल रोष मार्च Bandi Singh Rihai Fatehgarh Sahib March
धरने के दौरान बापू गुरचरण सिंह हवारा और जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा ने देश-विदेश की सिख संगतों से एक विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर को ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब से एक विशाल रोष मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने संगतों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस रोष मार्च में शिरकत करें ताकि सरकार तक पंथ की आवाज मजबूती से पहुंचाई जा सके।
गौरतलब है कि कुरुक्षेत्र के खंडा चौक पर सिख संगत द्वारा बंदी सिखों की पक्की रिहाई की मांग को लेकर बीते 11 सितंबर से लगातार शांतिपूर्ण धरना दिया जा रहा है।
