Chandigarh News: रेलवे स्टेशन के जाम से राहत की नई कोशिश, अजमेर वंदे भारत यात्रियों को पंचकूला साइड से एंट्री की सलाह
रेलवे स्टेशन के जाम से राहत की नई कोशिश
Chandigarh News: चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के बाहर रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से यात्रियों को राहत दिलाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने नई व्यवस्था लागू की है। शुक्रवार को ट्रैफिक पुलिस की ओर से जारी एडवाइजरी में अजमेर वंदे भारत एक्सप्रेस के यात्रियों से अपील की गई है कि वे प्लेटफॉर्म नंबर-6 तक पहुंचने के लिए पंचकूला की ओर से रेलवे स्टेशन के प्रवेश मार्ग का उपयोग करें। पुलिस का कहना है कि इससे स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार पर वाहनों का दबाव कम होगा और दोपहर के समय लगने वाले लंबे जाम से काफी हद तक राहत मिलेगी। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पिछले कुछ समय से बढ़ती यात्री संख्या और वाहनों के दबाव के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है। सबसे अधिक परेशानी दोपहर के समय होती है, जब अजमेर वंदे भारत एक्सप्रेस दोपहर 2:45 बजे स्टेशन पहुंचती है और 3:15 बजे रवाना होती है।
इसी दौरान बड़ी संख्या में यात्री अपने निजी वाहन, टैक्सी और ऑटो लेकर स्टेशन पहुंचते हैं। अधिकांश वाहन चंडीगढ़ साइड से प्रवेश करने की कोशिश करते हैं, जिससे स्टेशन के मुख्य मार्ग पर लंबी कतारें लग जाती हैं और आम लोगों के साथ-साथ यात्रियों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ती है। इस समस्या को हाल ही में चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने रेल मंत्री, चंडीगढ़ पुलिस और यूटी के डीजीपी को टैग करते हुए रेलवे स्टेशन के बाहर लगातार लग रहे जाम पर चिंता जताई थी। सांसद की पहल के बाद अगले ही दिन चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस, अंबाला रेल मंडल के अधिकारियों और चंडीगढ़ रोड सेफ्टी सोसायटी (सीआरएसएस) के विशेषज्ञों ने रेलवे स्टेशन के आसपास संयुक्त ट्रैफिक सर्वे किया।
सर्वे के दौरान पाया गया कि ट्रैफिक का सबसे अधिक दबाव प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर आने-जाने वाले यात्रियों के कारण बनता है। इसी आधार पर ट्रैफिक पुलिस ने नई एडवाइजरी जारी करते हुए यात्रियों से पंचकूला साइड के प्रवेश मार्ग का इस्तेमाल करने, समय से पहले स्टेशन पहुंचने और मौके पर तैनात ट्रैफिक कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि यह व्यवस्था रेलवे प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों के समन्वय से लागू की गई है, ताकि स्टेशन परिसर और उसके आसपास यातायात सुचारु रखा जा सके। हालांकि, इस सर्वे के बावजूद रेलवे स्टेशन के बाहर ट्रैफिक जाम की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। संयुक्त सर्वे को एक सप्ताह बीतने के बाद भी मौके पर ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त तैनाती और चालान अभियान के अलावा कोई ठोस बदलाव दिखाई नहीं दिया।
स्टेशन के बाहर अवैध रूप से खड़े ऑटो और कैब अब भी यातायात बाधित करने की बड़ी वजह बने हुए हैं। यात्रियों का कहना है कि जब तक इन वाहनों की पार्किंग और संचालन के लिए अलग व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक जाम से स्थायी राहत मिलना मुश्किल है। इधर, रेलवे प्रशासन ने भी इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में पहल करते हुए कलाग्राम की ओर से पंचकूला साइड तक नया एक्सेस रोड बनाने का प्रस्ताव यूटी प्रशासन को भेजा है। अधिकारियों का मानना है कि इस सड़क के बनने से स्टेशन के दोनों ओर से यातायात का बेहतर वितरण होगा, मुख्य प्रवेश मार्ग पर दबाव घटेगा और यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी। फिलहाल लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नई ट्रैफिक व्यवस्था और प्रस्तावित एक्सेस रोड से रेलवे स्टेशन के बाहर वर्षों पुरानी जाम की समस्या का कितना समाधान हो पाता है।
एस्केलेटर हुए बंद, यात्रियों को सामान के साथ चढ़नी पड़ी सीढ़ियां
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार दोपहर पंचकूला साइड स्थित प्लेटफॉर्म नंबर-5 और 6 के एस्केलेटर अचानक बंद हो गए। संयोग से उसी समय अजमेर वंदे भारत एक्सप्रेस स्टेशन पहुंची, जिससे यात्रियों की भारी भीड़ के बीच बुजुर्गों, महिलाओं, छोटे बच्चों के साथ सफर कर रहे परिवारों और भारी सामान लेकर आए यात्रियों को सीढ़ियां चढ़कर प्लेटफॉर्म तक पहुंचना पड़ा।परेशानी तब और बढ़ गई, जब प्लेटफॉर्म तक जाने वाली लिफ्ट भी बंद मिली। इससे वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ा।
रेलवे कर्मचारियों के अनुसार, बारिश का पानी लिफ्ट क्षेत्र तक पहुंचने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर उसे बंद किया गया। वहीं, एस्केलेटर बंद होने की वजह बिजली आपूर्ति में आई तकनीकी बाधा बताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन का नया पावर हाउस अभी शुरू नहीं हुआ है, इसलिए इस तरह की समस्या सामने आ रही है। रेलवे ने तकनीकी कारणों की जांच शुरू कर दी है और जल्द व्यवस्था बहाल करने का दावा किया है।
