August 8, 2026

Breaking: छेड़छाड़ केस में सबूतों से बदलने के आरोप में चंडीगढ़ पुलिस के दो अधिकारियों पर CBI चार्जशीट, इंस्पेक्टर-एसआई CBI कोर्ट में तलब

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Breaking: छेड़छाड़ केस में सबूतों से बदलने के आरोप में चंडीगढ़ पुलिस के दो अधिकारियों पर CBI चार्जशीट, इंस्पेक्टर-एसआई CBI कोर्ट में तलब

इंस्पेक्टर-एसआई CBI कोर्ट में तलब

Breaking: चंडीगढ़ में छेड़छाड़ के एक मामले में आरोपी को बचाने और सबूतों से कथित छेड़छाड़ करने के आरोपों ने चंडीगढ़ पुलिस के दो अधिकारियों की मुश्किल बढ़ा दी है। CBI की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इंस्पेक्टर रामरत्न शर्मा और एसआई सत्यवान के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए उन्हें पेश होने के लिए तलब किया है। मामले में सेक्टर इंडस्ट्रियल एरिया के एक बड़े मॉल के पूर्व GM अनिल मल्होत्रा को भी आरोपी बनाया गया है। CBI का आरोप है कि रामरत्न शर्मा और एसआई सत्यवान ने अनिल मल्होत्रा को छेड़छाड़ के मामले में बचाने के लिए साजिश रची। जांच के दौरान सामने आए आरोपों के मुताबिक, मल्होत्रा से जब्त किए गए iPhone-12 को केस फाइल से हटाकर उसकी जगह iPhone-7 रख दिया गया।

 

2022 में महिला की शिकायत पर दर्ज हुई थी FIR

मामले की शुरुआत 4 अप्रैल 2022 को हुई थी। इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर अनिल मल्होत्रा के खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस ने मल्होत्रा को गिरफ्तार किया था और उसके कब्जे से iPhone-12 जब्त किया था। CBI के मुताबिक, इस मोबाइल में ऐसे साक्ष्य मौजूद थे जो छेड़छाड़ के मामले में मल्होत्रा के खिलाफ जा सकते थे।

 

iPhone-12 की जगह iPhone-7 रखने का आरोप

CBI के आरोपों के अनुसार, इंस्पेक्टर रामरत्न शर्मा और एसआई सत्यवान ने अनिल मल्होत्रा को बचाने के लिए मोबाइल से जुड़े सबूतों में कथित तौर पर हेरफेर की। आरोप है कि केस की फाइल में दर्ज iPhone-12 को हटाकर उसकी जगह iPhone-7 रख दिया गया। CBI ने जांच के दौरान इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की पड़ताल की। इसके बाद रामरत्न शर्मा, एसआई सत्यवान और अनिल मल्होत्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

 

CBI ने जांच के बाद दाखिल की चार्जशीट

CBI ने मामले की जांच पूरी करने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने चार्जशीट में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध सामग्री के आधार पर संज्ञान लिया है। मामले में साजिश रचने, झूठे साक्ष्य तैयार करने, सबूत नष्ट करने, दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड छिपाने और लोक सेवक द्वारा किसी व्यक्ति को बचाने के लिए गलत रिकॉर्ड तैयार करने से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। यहां यह स्पष्ट है कि ये अदालत में विचाराधीन आरोप हैं। आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

 

कोर्ट ने IPC की धारा 409 भी जोड़ी

सुनवाई के दौरान अदालत ने IPC की धारा 409 भी जोड़ दी है। यह धारा लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात से संबंधित है और गैर-जमानती है। CBI की ओर से दाखिल चार्जशीट में पहले धारा 409 शामिल नहीं थी। अदालत ने मामले के तथ्यों को देखते हुए इस धारा को भी जोड़ दिया। इसके बाद दोनों पुलिस अधिकारियों ने CBI कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की है।

 

11 अगस्त को जमानत अर्जियों पर सुनवाई

रामरत्न शर्मा और एसआई सत्यवान की जमानत अर्जियों पर 11 अगस्त को सुनवाई होगी। गैर-जमानती धारा जुड़ने के बाद यह सुनवाई दोनों अधिकारियों के लिए अहम हो गई है। मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी। अब अदालत की आगे की कार्यवाही में यह तय होगा कि आरोपों और जांच से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है।

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