Barnala News: बरनाला की अनाज मंडी में लगे ‘स्वदेशी ट्रेड एक्सपो’ के दौरान सरेआम बिजली चोरी का वीडियो वायरल
लगे 'स्वदेशी ट्रेड एक्सपो' के दौरान सरेआम बिजली चोरी का वीडियो वायरल
Barnala News: मार्केट कमेटी बरनाला के अधीन आती मुख्य अनाज मंडी में चल रहे ‘स्वदेशी ट्रेड एक्सपो-2026’ मेले में सरेआम कुंडी लगाकर बिजली चोरी किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने जहां पावरकॉम और मंडी बोर्ड के प्रबंधों की पोल खोल दी है, वहीं मार्केट कमेटी बरनाला और जिला मंडी कार्यालय के अधिकारियों द्वारा धारी गई साजिश भरी चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। मौके पर किसी भी तरह की ठोस चेकिंग न होना अधिकारियों और मेला प्रबंधकों के बीच कथित मिलीभगत की तरफ सीधा इशारा करता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक्सपो प्रबंधकों ने अनाज मंडी की तीन एकड़ से अधिक जगह पर यह मेला लगाया है।
लेकिन सरकारी खजाने में सिर्फ 11 दिन की ही फीस जमा करवाई बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि प्रबंधकों ने बीते 22 जुलाई को ही मंडी के बड़े हिस्से पर अपना सामान रखकर करीब तीन एकड़ जगह पर कब्जा कर लिया था और 7 दिन की सरकारी फीस चोरी करके सरकारी खजाने को चूना लगाने की आशंका है। लोगों का कहना है कि यदि नियमों के अनुसार जांच की जाए तो सरकारी राजस्व चोरी करने के बदले प्रबंधकों से 10 गुना जुर्माना वसूला जाना चाहिए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
अनाज मंडी किसानों और आम लोगों की सुविधा के लिए
इस गंभीर मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय किसान यूनियन के नेता भिंदा सिंह ढिलवां और गुरविंदर सिंह ने कहा कि अनाज मंडी किसानों और आम लोगों की सुविधा के लिए है न कि निजी मुनाफे के लिए सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाने के लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी लूट उच्च अधिकारियों की शह के बिना संभव नहीं हो सकती। किसान नेता ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की कि सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने और मिलीभगत करने वाले अधिकारियों की सेवाएं तुरंत समाप्त करके उनके खिलाफ जांच बिठाई जाए।
अधिकारियों ने झाड़ा पल्ला, जिम्मेदारी से भागे
जब इस सारे मामले संबंधी जिला मंडी अफसर बीरइंदर सिंह से बात की गई तो उन्होंने बिजली चोरी के मामले से अनभिज्ञता प्रकट करते हुए सिर्फ इतना ही कहा कि वह अभी इसकी पड़ताल करवाते हैं। दूसरी तरफ मंडी में जगह की फीस के बारे में जब मार्केट कमेटी बरनाला के सचिव जसमनप्रीत सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने मुख्य कार्यालय का अतिरिक्त चार्ज होने का हवाला देते हुए कहा कि यह जानकारी उनके ध्यान में नहीं है और उन्होंने लेखाकार से संपर्क करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया।
अधिकारियों की आनाकानी ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया
हद तो तब हो गई जब मार्केट कमेटी कार्यालय की लेखाकार परमजीत कौर से इस संबंधी विवरण मांगे गए। उन्होंने सरकारी रिकॉर्ड को निजी जानकारी बताते हुए विवरण देने से इनकार करते हुए कहा कि यह सारी प्रक्रिया और मंजूरी डिप्टी कमिश्नर कार्यालय द्वारा की गई है। उनका कहना था कि कार्यालय द्वारा सिर्फ मांगी गई डाक ही भेजी गई थी। इसलिए बाकी जानकारी डीसी कार्यालय से ही प्राप्त की जाए। अधिकारियों की इस आनाकानी ने पूरे मामले में हुई अनियमितताओं को और संदिग्ध बना दिया है।
