Chandigarh News: चंडीगढ़ में गैंगस्टर नेटवर्क का हथियार मॉड्यूल पकड़ा, दीपक नंदल के 3 गुर्गों समेत 4 गिरफ्तार

दीपक नंदल के 3 गुर्गों समेत 4 गिरफ्तार
Chandigarh News: चंडीगढ़ में स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा व्यवस्था के बीच ऑपरेशन सेल ने गैंगस्टर दीपक नंदल के नेटवर्क से जुड़े हथियार सप्लाई मॉड्यूल का खुलासा किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन दीपक नंदल के गुर्गे बताए गए हैं, जबकि चौथा आरोपी पाकिस्तान में बैठे हथियार सप्लायर के संपर्क में था। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से 3 विदेशी पिस्टल, 2 मैगजीन और 19 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
एसपी गीतांजलि खंडेवाला के मुताबिक, ऑपरेशन सेल की टीम 3 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान शक के आधार पर अजय, रोहित और देव को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उनके पास से जिगाना पिस्टल और चीन निर्मित पीएक्स3 पिस्टल समेत हथियार और कारतूस मिले।
अजय, रोहित और देव से शुरू हुई जांच
पुलिस की शुरुआती कार्रवाई के बाद जांच आगे बढ़ी तो हथियार सप्लाई करने वाले निशान सिंह तक टीम पहुंची। उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, निशान सिंह अमृतसर सीमा क्षेत्र के गांव काकर का रहने वाला है और गांव में डेयरी चलाता है।
जांच में सामने आया कि निशान सिंह पाकिस्तान में बैठे एक हथियार सप्लायर के संपर्क में था। पुलिस का दावा है कि वह अपने खेत में ड्रोन के जरिए सीमा पार से हथियारों की खेप मंगवाता था और बाद में इन हथियारों को गैंग से जुड़े लोगों तक पहुंचाता था।
निशान सिंह के कब्जे से चीन निर्मित एक पीएक्स3 पिस्टल, एक मैगजीन और 8 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इस बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले में सीमा पार से हथियार पहुंचने वाले नेटवर्क की कड़ी की भी जांच शुरू कर दी है।
गुरुग्राम में टारगेट की रेकी, फायरिंग की तैयारी का दावा
पुलिस के मुताबिक, अजय, रोहित और देव सोशल मीडिया के जरिए गैंगस्टर दीपक नंदल के नेटवर्क के संपर्क में आए थे। पुलिस का कहना है कि विदेश में बैठे दीपक नंदल ने तीनों को पैसों का लालच देकर अपने साथ जोड़ा था।
जांच में यह भी सामने आया कि तीनों आरोपियों ने गुरुग्राम में एक टारगेट की रेकी की थी। पुलिस के अनुसार, गिरोह फिरौती वसूलने के लिए फायरिंग की वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था। पुलिस की कार्रवाई से पहले ही आरोपियों को पकड़ लिया गया, जिससे बताई जा रही साजिश वारदात में बदलने से पहले ही रुक गई।
इस तरह के नेटवर्क में हथियारों की सप्लाई और स्थानीय स्तर पर युवकों की भर्ती एक साथ चलने की बात जांच में सामने आई है। आम लोगों के लिए इसका सीधा असर यह है कि पुलिस की शुरुआती कार्रवाई ने संभावित फायरिंग और रंगदारी की वारदात से पहले ही आरोपियों को पकड़ लिया।
कौन है अजय और कैसे जुड़ा गिरोह से?
पुलिस के मुताबिक, अजय जिला जींद का रहने वाला है और मारुति कंपनी में हेल्पर का काम करता था। जांच में उसे गिरोह और दूसरे आरोपियों के बीच मुख्य कड़ी बताया गया है।
अजय के कब्जे से जिगाना पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, उसी ने रोहित और देव को दीपक नंदल के नेटवर्क से जोड़ा था और दोनों को गिरोह से जुड़े लोगों के संपर्क में लाया।
रोहित के पास से पीएक्स3 पिस्टल बरामद
रोहित गांव निडानी, जींद का रहने वाला है और अपनी मां के साथ रहता था। वह बिजली की दुकान पर काम करता था और उसकी कमाई करीब 10 हजार रुपए महीने थी।
पुलिस के अनुसार, अजय के जरिए रोहित की दीपक नंदल गिरोह से पहचान हुई। इसके बाद वह गिरोह के सदस्यों के संपर्क में रहने लगा और रेकी, हथियारों की आवाजाही तथा वारदात से जुड़े निर्देश लेता था। उसके पास से चीन में बनी पीएक्स-3 पिस्तौल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
देव दुकान पर हेल्पर का काम करता था
देव जींद की विश्वकर्मा कॉलोनी का रहने वाला है। एसपी के मुताबिक, वह एक दुकान पर सहायक के तौर पर काम करता था और करीब 7 हजार रुपए महीने कमाता था।
पुलिस का कहना है कि अजय ने ही देव को दीपक नंदल के गिरोह से जोड़ा था। वह भी गिरोह के सदस्यों के संपर्क में था और उनके निर्देशों के मुताबिक काम कर रहा था। देव के कब्जे से एक काली मैगजीन और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
अमृतसर के सीमावर्ती गांव से हथियार सप्लाई का आरोप
पुलिस के अनुसार, निशान सिंह अमृतसर के गांव काकर का रहने वाला है और वहां डेयरी चलाता है। जांच में उसका संपर्क पाकिस्तान में बैठे हथियार सप्लायर से सामने आया है।
पुलिस का दावा है कि निशान सिंह सीमा पार से ड्रोन के जरिए अपने खेत में हथियारों की खेप मंगवाता था। इसके बाद वह इन हथियारों को विदेश में बैठे गैंगस्टरों के गुर्गों तक पहुंचाता था। उसके पास से चीन निर्मित पीएक्स-3 पिस्टल, एक मैगजीन और 8 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
यह कड़ी जांच के लिहाज से इसलिए भी अहम है क्योंकि पुलिस के मुताबिक हथियार पहले सीमा क्षेत्र तक ड्रोन के जरिए पहुंचाए गए और फिर उन्हें गैंग से जुड़े लोगों तक सप्लाई किया गया। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और हथियारों की कितनी खेप पहले पहुंचाई जा चुकी है।
UAE में बैठे अरुण ने कराया था संपर्क
पुलिस जांच में एक और नाम सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, दीपक नंदल और अजय, रोहित तथा देव के बीच संपर्क अरुण नाम के व्यक्ति ने कराया था।
अरुण सोनीपत जिले का रहने वाला है और फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात में काम कर रहा है। पुलिस अब अरुण की भूमिका और दीपक नंदल के साथ उसके संबंधों की जांच कर रही है।
पूछताछ के दौरान पुलिस को यह जानकारी मिली कि दीपक नंदल और उसके तीनों गुर्गे फिरौती वसूलने और गोली चलाने की वारदात की तैयारी कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, गुरुग्राम में टारगेट की रेकी भी की जा चुकी थी।
दीपक नंदल के नेटवर्क की जांच जारी
चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच दीपक नंदल और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने पर केंद्रित है। ऑपरेशन सेल यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों को हथियारों की सप्लाई किस तरह मिल रही थी और इस नेटवर्क में विदेश में बैठे अन्य लोगों की क्या भूमिका है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों और हथियारों की सप्लाई की कड़ियों की जांच की जा रही है।
