Sirsa Farmers Protest: सिरसा में पानी की टंकी पर चढ़े दो किसान, टावर लाइन मुआवजे को लेकर दी कूदने की धमकी

सिरसा में पानी की टंकी पर चढ़े दो किसान, टावर लाइन मुआवजे को लेकर दी कूदने की धमकी
Sirsa Farmers Protest: सिरसा जिले के वैदवाला गांव में बिजली टावर लाइन मुआवजे को लेकर चल रहा विवाद वीरवार सुबह अचानक उग्र हो गया। सिकंदरपुर रोड स्थित जलघर की पानी की टंकी पर एक दिव्यांग किसान और खेत मालिक भूपेंद्र सिंह वैदवाला चढ़ गए। टंकी के ऊपर से वीडियो जारी करते हुए किसानों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उनके साथ कोई जबरदस्ती की तो वे सीधे नीचे छलांग लगा देंगे। घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और भारी संख्या में ग्रामीण व किसान मौके पर एकत्र हो गए।
प्रशासन पर वादाखिलाफी और धोखेबाजी का आरोप
टंकी पर चढ़े किसान भूपेंद्र सिंह वैदवाला ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनके साथ सरासर धोखाधड़ी की है। पिछली बार जब किसान टावर पर चढ़े थे, तब प्रशासनिक अधिकारियों ने वार्ता के दौरान लिखित समझौता किया था कि जमीन का री-वैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) कराकर नया मुआवजा तय किया जाएगा और तब तक काम बंद रहेगा। किसानों का कहना है कि उन्होंने समझौते का सम्मान करते हुए खेतों को खाली रखा और धान तक नहीं लगाया। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन ने किसानों को हिरासत में लेकर जबरन खेतों में बिजली की लाइनें खिंचवा दीं।
मार्केट रेट से 4 से 5 गुना मुआवजे की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि पास के ही हांडीखेड़ा, कासनखेड़ा और फरवाई गांवों में सरकार ने कलेक्टर रेट से 5 गुना तक मुआवजा दिया है, लेकिन वैदवाला के किसानों को जायज हक भी नहीं मिल रहा। भूपेंद्र वैदवाला के मुताबिक, गांव में जमीन का कलेक्टर रेट 90 लाख से सवा करोड़ रुपये तक है, जबकि जमीनों की वास्तविक बाजार कीमत 4 से 5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ है। सरकार ने अन्य जिलों में अपनी नीति बदलकर मुआवजा दिया है, लेकिन स्थानीय प्रशासन अपनी जिद पर अड़ा हुआ है।
महापंचायत का स्थान बदला, किसान संगठनों का जमावड़ा
वीरवार को किसानों ने सिरसा लघु सचिवालय के बाहर महापंचायत बुलाई थी, जहां से 15 अगस्त को लेकर कोई बड़ा फैसला लिया जाना था। हालांकि, सुबह जलघर की टंकी पर किसानों के चढ़ने के बाद घटनाक्रम तेजी से बदला और महापंचायत का रुख वैदवाला गांव की तरफ हो गया। जलघर परिसर में ही किसानों और ग्रामीणों ने पक्का धरना शुरू कर दिया है। भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी समेत सिरसा और पंजाब के कई बड़े किसान संगठन वैदवाला पहुंचने लगे हैं, जिससे पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।
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