Karnal Protest Today: करनाल में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल को ज्ञापन देने से रोका

करनाल में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल को ज्ञापन देने से रोका
Karnal Protest Today: अपनी लंबे समय से लटकी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सब्र का बांध आखिरकार करनाल में टूट गया। जिला सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर रहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और पुलिस बल के बीच उस वक्त तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हो गई, जब कार्यकर्ता परिसर के भीतर मौजूद केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर को ज्ञापन सौंपने की जिद पर अड़ गईं। गेट पर तैनात पुलिस ने जैसे ही उन्हें आगे बढ़ने से रोका, पूरा इलाका हंगामे के मैदान में तब्दील हो गया।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद आंगनवाड़ी वर्कर यूनियन की जिला प्रधान संतोष रावल ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों पर शारीरिक प्रताड़ना (टॉर्चर) और धक्का-मुक्की का आरोप लगाया, वहीं एक सीआईए (CIA) कर्मी पर गलत तरीके से पकड़ने और सरेआम अपशब्द कहे जाने का संगीन आरोप जड़ा।
केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी की खबर मिलते ही सचिवालय की ओर बढ़ीं वर्कर
पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत जिलेभर से जुटीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर सुबह से ही जिला सचिवालय के बाहर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रही थीं। इसी दौरान कार्यकर्ताओं को सूचना मिली कि पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर एक बैठक के सिलसिले में जिला सचिवालय परिसर के भीतर मौजूद हैं।
यह खबर मिलते ही प्रदर्शनकारी महिलाओं ने अपनी समस्याओं से जुड़ा ज्ञापन सीधे केंद्रीय मंत्री को सौंपने का फैसला किया और वे बैनर-पोस्टर थामे सचिवालय के मुख्य गेट की ओर बढ़ गईं।
मुख्य द्वार पर बना किलेबंदी जैसा माहौल, फिर शुरू हुई धक्का-मुक्की
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भीतर आने से रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने मुख्य द्वार पर पहले से ही भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी और महिला पुलिसकर्मियों का कड़ा पहरा लगा दिया था। जैसे ही कार्यकर्ताओं ने गेट पार करने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
देखते ही देखते दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कई कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़कर अंदर घुसने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिस बल ने उन्हें पीछे धकेल दिया।
‘हमें जानबूझकर रोका गया, सीआईए कर्मी ने की अभद्रता’
घटना के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए यूनियन प्रधान संतोष रावल ने पुलिस की कार्रवाई पर गहरा रोष जताया। उन्होंने कहा, “हम कोई अपराधी नहीं हैं, सिर्फ अपनी जायज मांगों को लेकर देश के केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन देने जा रहे थे। लेकिन पुलिस ने हमारे साथ किसी दुश्मन जैसा व्यवहार किया।”
संतोष रावल का आरोप है कि महिला पुलिसकर्मियों ने उनके साथ न सिर्फ जबरदस्ती की, बल्कि एक सीआईए कर्मी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए गलत तरीके से पकड़ा और गालियां दीं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पुलिसकर्मियों के इस रवैये पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई और उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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