August 19, 2026

Kaithal News: कैथल में 21 अगस्त तक बढ़ी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, सड़कों पर लगे कचरे के ढेर

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Kaithal News: कैथल में 21 अगस्त तक बढ़ी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, सड़कों पर लगे कचरे के ढेर

कैथल में 21 अगस्त तक बढ़ी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल

Kaithal News: कैथल शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर संकट गहराता जा रहा है। नगर पालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर अपनी मांगों को लेकर अड़े सफाईकर्मियों ने बुधवार को अपनी हड़ताल 21 अगस्त तक बढ़ाने की घोषणा कर दी। कर्मचारियों के पूरी तरह काम बंद रखने के फैसले के बाद बुधवार को भी शहर की सड़कों, मुख्य बाजारों और रिहायशी इलाकों में कोई सफाई नहीं हुई। आक्रोशित कर्मचारी सुबह से ही नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरने पर डटे रहे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

सफाई ठप होने का सीधा असर शहर की आबो-हवा और आम लोगों के जीवन पर दिखने लगा है। कई इलाकों में कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं, जहां दिनभर आवारा मवेशियों का जमघट लगा रहता है। इससे न सिर्फ यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि भीषण बदबू और बीमारियों के फैलने की आशंका से स्थानीय निवासी भी बेहद परेशान हैं। कर्मचारियों का साफ कहना है कि जब तक सरकार मानी गई मांगों का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं करती, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।

‘ठेका प्रथा खत्म हो और मिले पक्का रोजगार’— जानिए कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

धरने की अध्यक्षता कर रहे नगर पालिका कर्मचारी संघ के सचिव विक्की टांक, प्रधान गौरव टांक और सर्व कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष ओमपाल भाल ने सरकार की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि सफाई, सीवर और फायर सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के साथ सरकार लगातार भेदभाव और वादाखिलाफी करती आ रही है। नेताओं का कहना है कि सरकार के साथ हुई बैठकों में कई मांगों पर सहमति बन चुकी थी, लेकिन अफसरशाही की ढिलाई के कारण अब तक उनके क्रियान्वयन का पत्र जारी नहीं किया गया।

कर्मचारियों की मुख्य मांगों में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

ठेका प्रथा की समाप्ति: नगर पालिकाओं, परिषदों और नगर निगमों में ठेकेदारी प्रथा पूरी तरह खत्म की जाए और सभी कर्मचारियों को सीधे विभाग के रोल पर लिया जाए।

पक्का करने की नीति: 2 साल का सेवाकाल पूरा कर चुके कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की पारदर्शी नीति बनाई जाए; पक्का होने तक ‘समान काम-समान वेतन’ लागू हो।

जोखिम भत्ता: गंदे नालों और सीवर की सफाई करने वाले जोखिम भरे काम के एवज में सफाई, सीवर व फायर कर्मियों को प्रति माह ₹5,000 जोखिम भत्ता दिया जाए।

पुरानी पेंशन व एक्सग्रेसिया: कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल की जाए और 2006 वाली एक्सग्रेसिया नीति को पुन: लागू किया जाए।

कर्मचारी नेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 21 अगस्त तक उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो फायर और पालिका कर्मचारियों की राज्य स्तरीय आपात बैठक बुलाकर इसे पूरे हरियाणा में अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदल दिया जाएगा।

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