Yamunanagar News: राजस्व विभाग के नए पोर्टल के खिलाफ हरियाणा में फूटा पटवारियों का गुस्सा, यमुनानगर में दो दिवसीय धरना शुरू

राजस्व विभाग के नए पोर्टल के खिलाफ हरियाणा में फूटा पटवारियों का गुस्सा
Yamunanagar News: हरियाणा राजस्व विभाग द्वारा हाल ही में शुरू किए गए नए डिजिटल पोर्टल में आ रही तकनीकी और रिकॉर्ड संबंधी गंभीर खामियों ने पटवारियों और कानूनगो की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विभाग की कार्यप्रणाली और पोर्टल की लगातार आ रही अड़चनों से नाराज ‘दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा’ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में यमुनानगर जिले में पटवारियों और कानूनगो ने 20 और 21 अगस्त को दो दिवसीय सांकेतिक धरना देकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जमाबंदी और इंतकाल दर्ज करने के लिए लागू किए गए नए सॉफ्टवेयर में पिछले लगभग चार महीनों से रोजाना नई-नई तकनीकी अड़चनें पैदा हो रही हैं। इसके चलते न केवल राजस्व कर्मचारियों का काम ठप पड़ा है, बल्कि अपनी जमीनों की रजिस्ट्री, जमाबंदी, इंतकाल और गिरदावरी जैसे जरूरी कामों के लिए तहसील और पटवार भवनों के चक्कर काट रहे आम नागरिकों को भी भारी मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
‘विभाग को कई बार चेताया, लेकिन नहीं हुआ कोई समाधान’
धरने का नेतृत्व कर रहे एसोसिएशन के यमुनानगर जिलाध्यक्ष रामफल ने बताया कि नए पोर्टल में आ रही व्यावहारिक और तकनीकी दिक्कतों से विभाग के उच्च अधिकारियों और आईटी टीम को बार-बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
कर्मचारियों ने दोटूक शब्दों में कहा कि यदि नए पोर्टल या सिस्टम की तकनीकी गड़बड़ी के कारण जमीन के रिकॉर्ड या इंतकाल में कोई त्रुटि होती है, तो उसका ठीकरा फील्ड में तैनात पटवारी या कानूनगो के सिर नहीं फोड़ा जाना चाहिए। एसोसिएशन ने मांग रखी है कि ऐसी किसी भी तकनीकी चूक की पूरी कानूनी और प्रशासनिक जिम्मेदारी संबंधित आईटी विभाग और डेवलपर टीम की तय की जानी चाहिए।
डिजिटल क्रॉप सर्वे और ऑटो-म्यूटेशन पर उठाए सवाल
धरने के दौरान कर्मचारियों ने सरकार द्वारा थोपे जा रहे ‘डिजिटल क्रॉप सर्वे’ के तरीकों पर भी कड़ा एतराज जताया। संघ के प्रतिनिधियों के अनुसार, सर्वे के लिए जो टैब दिए गए हैं और लोकेशन ट्रेस करने के लिए जो 20 मीटर की दायरा सीमा (रेंज) तय की गई है, वह व्यावहारिक रूप से पूरी तरह असंभव है। इस सीजन में धान और ईख (गन्ना) जैसी घनी और ऊंची फसलों के बीच खेत के अंदर 20 मीटर तक जाकर फोटो खींचना बेहद मुश्किल और जोखिम भरा काम है।
कर्मचारियों ने मांग की है कि सर्वे की इस लोकेशन रेंज को बढ़ाकर कम से कम 150 मीटर किया जाए, फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरा पहचान) की अनिवार्यता खत्म की जाए और कर्मचारियों को पर्याप्त संख्या में अच्छी गुणवत्ता के कंप्यूटर व टैबलेट मुहैया कराए जाएं।
संशोधित लैंड रिकॉर्ड मैनुअल जारी करने की मांग
पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन की मुख्य मांगों में यह बात प्रमुखता से शामिल है कि किसी भी नए पोर्टल या ऑटो-म्यूटेशन जैसी प्रक्रिया को पूरी तरह लागू करने से पहले सरकार नया संशोधित ‘लैंड रिकॉर्ड मैनुअल’ जारी करे। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक नियम और नीतियां स्पष्ट नहीं होंगी, तब तक तकनीकी व्यवस्था की खामियों का खामियाजा फील्ड स्टाफ को भुगतने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
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