Chandigarh News: नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार को लेकर आप का हल्लाबोल, 22 मामलों की जांच की मांग

नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार को लेकर आप का हल्लाबोल
Chandigarh News: नगर निगम, चंडीगढ़ में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और टेंडरों में गड़बड़ी को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। आप के मुख्य प्रवक्ता एवं पार्षद योगेश ढींगरा ने मंगलवार को सेक्टर-39 स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि पिछले करीब 10-12 वर्षों में नगर निगम में लगभग 22 बड़े घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आए, लेकिन जिम्मेदार लोगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ढींगरा ने कहा कि भाजपा विकास और पारदर्शिता की बात करती है, लेकिन नगर निगम के कामकाज में लगातार वित्तीय और प्रशासनिक विवाद सामने आते रहे हैं। उन्होंने भाजपा की ओर से हाल में भ्रष्टाचार की जांच के लिए बनाई गई कमेटी पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम में भ्रष्टाचार हो रहा था तो पिछले 10-12 वर्षों से सत्ता में रहते हुए भाजपा ने कार्रवाई क्यों नहीं की। आप नेता ने सेक्टर-40 से जुड़े हालिया विवाद का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि एक एजेंडा पास कराने को लेकर ठेकेदार और भाजपा पार्षद के पति के बीच करीब 25 लाख रुपये के कथित लेन-देन को लेकर विवाद हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम में एजेंडे पास कराने के नाम पर कमीशन का कथित सिस्टम चल रहा है और इसमें कुछ पार्षदों की संलिप्तता के आरोप सामने आए हैं। ढींगरा ने स्मार्ट सिटी फंड से जुड़े करीब 116 करोड़ रुपये को लेकर भी सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह राशि रियल एस्टेट और निजी बैंकों में घुमाए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने पूरे मामले का वित्तीय ऑडिट कराकर राशि के इस्तेमाल का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने पार्किंग लाइसेंस फीस से जुड़े करीब सात करोड़ रुपये की कथित अनियमितता का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम की राशि की रिकवरी नहीं हो सकी और संबंधित व्यक्ति के फरार होने की बात सामने आई। उन्होंने निगम से अब तक की गई कार्रवाई और राशि की रिकवरी का ब्योरा सार्वजनिक करने को कहा।
इसके अलावा ढींगरा ने कम्युनिटी सेंटरों के जिम में घटिया उपकरण और कथित फर्जी अथवा बढ़े-चढ़े बिल लगाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रत्येक जिम की स्वीकृत राशि, उपकरणों की कीमत, सप्लायर और भुगतान की जांच की मांग की। उन्होंने सेलवेल विज्ञापन मामले में निगम को करीब 14 करोड़ रुपये का कथित नुकसान होने का आरोप लगाया। वहीं, लायन सर्विसेज के सफाई टेंडर में कर्मचारियों की संख्या और भुगतान को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने निगम से भुगतान किए गए बिलों और वास्तव में तैनात कर्मचारियों का मिलान कराने की मांग की।
