August 26, 2026

Rohtak News: रोहतक के खिड़वाली में पाखंडवाद के खिलाफ महापंचायत, हुड्डा खाप ने संत रामपाल के बहिष्कार का किया ऐलान

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Rohtak News: रोहतक के खिड़वाली में पाखंडवाद के खिलाफ महापंचायत, हुड्डा खाप ने संत रामपाल के बहिष्कार का किया ऐलान

रोहतक के खिड़वाली में पाखंडवाद के खिलाफ महापंचायत, हुड्डा खाप ने संत रामपाल के बहिष्कार का किया ऐलान

Rohtak News: हरियाणा के रोहतक जिले का खिड़वाली गांव एक बार फिर सामाजिक जागरूकता की मिसाल बना है। गांव के लोगों ने एकजुट होकर पाखंडवाद और ढोंगियों के खिलाफ आर्य समाज के अभियान को खुलकर समर्थन देने का फैसला किया है। ग्रामीणों की पंचायत में विवादित संत रामपाल की नीतियों और बयानों को सनातन धर्म के खिलाफ करार दिया गया। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि घनी आबादी और समाज के बीच झूठी भ्रांतियां फैलाने वाले ढोंगियों का खेल अब ज्यादा दिन नहीं चलने दिया जाएगा।

देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणियों से आक्रोश, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा

गांव के निवासी डॉ. जगदीश ने रामपाल के बयानों पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि रामपाल सनातन धर्म को निशाना बना रहा है। उसने भगवान राम, हनुमान जी और भगवान परशुराम को लेकर जो अनर्गल और आपत्तिजनक बातें कही हैं, उससे पूरे हिंदू समाज की आस्था को गहरा आघात पहुंचा है। डॉ. जगदीश ने जोर देकर कहा कि अगर वक्त रहते इस तरह के पाखंडवाद और ढोंग पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो यह समाज और देश दोनों के विनाश का कारण बनेगा।

हुड्डा खाप का रामपाल के समर्थकों से कोई नाता नहीं: कार्यकारी प्रधान रामफूल

रामपाल के पास जाने वाले कुछ लोगों द्वारा खुद को हुड्डा खाप का नुमाइंदा बताए जाने पर खाप ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। हुड्डा खाप के कार्यकारी प्रधान रामफूल और ग्रामीण प्रमोद कुमार ने कहा कि रामपाल से मिलने गए लोगों का यह अपना निजी स्वार्थ हो सकता है, खाप से उनका कोई वास्ता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछले 1163 वर्षों से गांव खिड़वाली का व्यक्ति ही हुड्डा खाप का प्रधान रहा है। हुड्डा खाप ने हमेशा सामाजिक न्याय की पैरवी की है और पाखंड फैलाने वालों का पुरजोर बहिष्कार करेगी।

“झूठी किताबें छपवाकर फैलाई भ्रांतियां, तीन सवालों में खुल जाएगी पोल”

गांव के 97 वर्षीय बुजुर्ग जागेराम ने बड़े अनुभव के साथ रामपाल के दावों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि रामपाल से सिर्फ तीन बातें—उसके नियम, सिद्धांत और उद्देश्य पूछे जाने चाहिए, इतने में ही उसकी पूरी पोल खुलकर सामने आ जाएगी। वह सत्य को नकार कर झूठ का सहारा ले रहा है। वहीं ग्रामीण धर्मेंद्र हुड्डा द्वारा पाखंड के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम को खिड़वाली गांव ने सर्वसम्मति से अपना समर्थन दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि फर्जी साहित्य और नकली किताबों के जरिए समाज को बांटने की साजिश अब कामयाब नहीं होने दी जाएगी।

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