Panipat News: हड़ताल के बीच ‘चुपके से काम’ का झांसा, पानीपत में 20 हजार की रिश्वत लेते पटवारी और सहायक गिरफ्तार

हड़ताल के बीच 'चुपके से काम' का झांसा, पानीपत में 20 हजार की रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार
Panipat News: हरियाणा भर में पिछले छह दिनों से अपनी मांगों को लेकर पटवारी और कानूनगो हड़ताल पर डटे हुए हैं, जिससे आम जनता के राजस्व संबंधी काम अटके पड़े हैं। लेकिन इसी हड़ताल के बीच पानीपत में भ्रष्टाचार का एक नया पैंतरा देखने को मिला। बाबरपुर क्षेत्र के पटवारी सुभाष और उसके निजी सहायक उस्मान को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए सरेराह गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पटवारी ने पीड़ित को झांसा दिया था कि भले ही हड़ताल चल रही हो, लेकिन अगर पैसे मिल जाएं तो वह चुपचाप इंतकाल (Mutation) का काम पूरा कर देगा।
‘कोर्ट में तारीख’ का बहाना बनाकर हड़ताल से बनाई दूरी, फिर पहुंचे घूस लेने
आरोपी पटवारी सुभाष (निवासी गढ़ी बेसिक) के पास बाबरपुर मंडी और बाबरपुर गांव का राजस्व प्रभार था, जबकि उसका सहयोगी उस्मान (निवासी गांव अधमी) तहसील में खुद को पटवारी बताकर काम निपटाता था। मंगलवार को पटवारी यूनियन के धरने में शामिल न होने के लिए सुभाष ने साथियों से ‘कोर्ट की तारीख पर जाने’ का बहाना बनाया। असल में, उसकी योजना पीड़ित से रिश्वत की रकम ऐंठने की थी। जमीन के मालिकाना हक को नए मालिक के नाम दर्ज करने (इंतकाल) के बदले में आरोपियों ने पहले 35 हजार रुपये की मांग की थी। बाद में सौदा 20 हजार रुपये में तय हुआ।
HSVP दफ्तर के बाहर ACB का शिकंजा: बीच सड़क गिने नोट, भागने की कोशिश नाकाम
पीड़ित की शिकायत पर एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। शिकायतकर्ता को कैमिकल लगे 20 हजार रुपये देकर HSVP (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) कार्यालय के पास भेजा गया। जैसे ही पटवारी सुभाष और उस्मान ने पैसे हाथ में लिए और नोट गिनने लगे, पहले से मुस्तैद एसीबी टीम ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। आरोपियों ने भागने की कोशिश भी की, लेकिन टीम ने उन्हें दबोच लिया। एसीबी ने मौके पर ही सड़क किनारे आरोपियों से नोट गिनवाए और फिर हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी।
पानीपत में 20 दिन के भीतर पटवारी रिश्वतखोरी का दूसरा मामला
पानीपत जिले के राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें किस कदर गहरी हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 20 दिनों के अंदर पटवारी की गिरफ्तारी का यह दूसरा मामला है। इससे पहले 5 अगस्त को मतलौडा तहसील के पटवारी संदीप और उसके सहायक जयभगवान को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए दबोचा गया था। वे न्यू बोहली निवासी एक व्यक्ति से 160 वर्गगज प्लॉट की मौका रिपोर्ट तैयार करने की एवज में रकम मांग रहे थे। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने महकमे की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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