Panipat News: अनिल विज के ड्राइवर से 50 लाख की ठगी, बेटे को ‘डंकी’ से भेजा अमेरिका, 14 महीने जेल काटकर लौटा

अनिल विज के ड्राइवर से 50 लाख की ठगी, बेटे को 'डंकी' से भेजा अमेरिका
Panipat News: हरियाणा में ‘डंकी रूट’ के जरिए विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी का एक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इस बार ठगों के निशाने पर कोई साधारण नागरिक नहीं, बल्कि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के आवास पर तैनात सरकारी ड्राइवर का परिवार आया है। पानीपत के ट्रैवल एजेंट ने गोहाना निवासी ड्राइवर के बेटे को लीगल वीजा पर अमेरिका भेजने का झांसा देकर 50 लाख रुपये ऐंठ लिए और उसे अवैध रूप से मेक्सिको के जंगलों से बॉर्डर पार करा दिया।
साले के दोस्त के जरिए हुई थी एजेंट से डील
गोहाना के रहने वाले राकेश कुमार, जो वर्तमान में अंबाला कैंट स्थित मंत्री अनिल विज के आवास पर सेवाएं दे रहे हैं, ने बताया कि उनका छोटा बेटा नवीन वर्मा सीनियर मैकेनिकल इंजीनियरिंग कर चुका है। वह उच्च शिक्षा और रोजगार के लिए अमेरिका जाना चाहता था। जींद निवासी एक परिचित के जरिए उनकी मुलाकात पानीपत की गोपाल कॉलोनी के रहने वाले ट्रैवल एजेंट कुलदीप से हुई थी।
पानीपत में हुई पहली मीटिंग में ही एजेंट ने बाय-एयर और पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया से अमेरिका पहुंचाने का दावा किया। इसके लिए कुल 40 लाख रुपये की डील तय हुई, लेकिन बाद में अलग-अलग बहानों से कुल 50 लाख रुपये ऐंठ लिए गए।
किस्तों में वसूले 50 लाख, फिर फ्रांस की फ्लाइट में बैठाकर काटा संपर्क
राकेश कुमार की शिकायत के मुताबिक, अक्टूबर 2024 से लेकर दिसंबर 2024 के बीच एजेंट ने कभी पासपोर्ट के नाम पर, कभी होटल में कैश बुलाकर, तो कभी ऑनलाइन खातों (दुबई और पंजाब के खातों) में पैसे ट्रांसफर करवाए। 5 नवंबर 2024 को नवीन को दिल्ली से फ्रांस की फ्लाइट में बैठाया गया। इसके बाद एजेंट ने यह कहकर परिजनों को शांत रखा कि ‘प्रोसीजर के कारण कुछ दिन बात नहीं हो पाएगी।’
14 महीने अमेरिका के डिटेंशन सेंटर में काटी जेल
लीगल रास्ते की जगह एजेंट ने नवीन को डंकी रूट के जरिए बेहद खतरनाक रास्तों से मेक्सिको पहुंचाया और वहां से अमेरिका में अवैध घुसपैठ करा दी। बॉर्डर पार करते ही अमेरिकी बॉर्डर पुलिस ने नवीन को धर दबोचा। इसके बाद करीब 14 महीने तक उसे अमेरिका के डिटेंशन सेंटर में जेल की सलाखों के पीछे अमानवीय परिस्थितियों में रहना पड़ा। आखिरकार, दिसंबर 2025 में अमेरिकी प्रशासन ने उसे डिपोर्ट कर भारत वापस भेज दिया।
पंचायत में माना, फिर मुकरा एजेंट; अब दे रहा धमकियां
दिसंबर 2025 में जब बेटा डिपोर्ट होकर बदहवास हालत में घर लौटा, तब परिजनों को ठगी की पूरी सच्चाई पता चली। बिरादरी की पंचायत बुलाई गई, जिसमें आरोपी एजेंट कुलदीप ने एक महीने में पूरे 50 लाख रुपये लौटाने का लिखित और मौखिक वादा किया। लेकिन समयावधि पूरी होते ही आरोपी अपनी बात से मुकर गया और अपना फोन बंद कर लिया।
पीड़ित पिता का आरोप है कि अब जब भी वे अपने पैसे मांगते हैं, तो आरोपी कुलदीप, उसका साथी आशू, सोनू रंधावा और उनके अन्य सहयोगी उन्हें जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। आरोपी पुलिस व प्रशासन में अपनी ऊंची पहुंच का डर दिखाकर उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दे रहे हैं। फिलहाल पानीपत के ओल्ड इंडस्ट्रियल थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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