August 26, 2026

Haryana Roadways Strike: 5 और 6 सितंबर को थमेंगे हरियाणा रोडवेज के पहिये! 17 सूत्रीय मांगों पर कर्मचारियों ने दिया चक्का जाम का अल्टीमेटम

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Haryana Roadways Strike: 5 और 6 सितंबर को थमेंगे हरियाणा रोडवेज के पहिये! 17 सूत्रीय मांगों पर कर्मचारियों ने दिया चक्का जाम का अल्टीमेटम

5 और 6 सितंबर को थमेंगे हरियाणा रोडवेज के पहिये! 17 सूत्रीय मांगों पर कर्मचारियों ने दिया चक्का जाम का अल्टीमेटम

Haryana Roadways Strike: हरियाणा में सरकारी बसों का सफर आने वाले दिनों में मुश्किलों भरा हो सकता है। अपनी 17 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर आंदोलनरत हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ लड़ाई और तेज करने का बिगुल फूंक दिया है। इसी कड़ी में बुधवार को प्रदेश भर के सभी रोडवेज डिपो पर कर्मचारियों ने एकजुट होकर दो घंटे तक जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। सिरसा बस स्टैंड से लेकर अंबाला और हिसार तक स्थानीय कर्मचारी यूनियनों ने डिपो परिसर में धरना देकर सरकार को स्पष्ट अल्टीमेटम दे दिया है।

17 सूत्रीय मांगों पर अड़े कर्मचारी, नई बसों और पक्की नौकरी की मांग

रोडवेज कर्मचारियों की मुख्य मांगों में सालों से कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, बेड़े में नई बसों को शामिल कर बेड़े का विस्तार करना, और परिचालन कर्मचारियों के वेतन व भत्तों में सुधार करना शामिल है। कर्मचारी नेताओं चमन स्वामी, रिछपाल सिंह और कृष्ण कड़वासरा ने कहा कि इन मांगों के संदर्भ में कई बार परिवहन मंत्री और उच्च अधिकारियों के साथ दौर-दर-दौर वार्ता हो चुकी है। टेबल पर वार्ता के दौरान सरकार मांगों पर सहमति जता देती है, लेकिन जब लागू करने का वक्त आता है तो वादाखिलाफी कर दी जाती है।

5 और 6 सितंबर को बसों के पहिये थामने की चेतावनी

कर्मचारी नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि हर बार सरकार से सिर्फ खोखले आश्वासन ही नसीब हुए हैं। यदि सरकार ने समय रहते उनकी वाजिब मांगों को पूरा नहीं किया, तो आगामी 5 और 6 सितंबर को प्रदेश स्तर पर दो दिवसीय पूर्ण चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि 5 और 6 सितंबर के आंदोलन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और अगर इसके बाद भी सरकार की नींद नहीं खुली, तो आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।

आम जनता पर पड़ सकती है मार, वार्ता पर टिकीं निगाहें

रोडवेज के इस कड़े रुख से आने वाले दिनों में प्रदेश के लाखों दैनिक यात्रियों की परेशानियां बढ़ना तय माना जा रहा है। हालांकि कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वे जनता को परेशान नहीं करना चाहते और सरकार से अपील करते हैं कि समय रहते मांगों का सकारात्मक समाधान निकाला जाए। अब देखना यह होगा कि 5-6 सितंबर के प्रस्तावित चक्का जाम से पहले सरकार कर्मचारी यूनियनों को वार्ता की टेबल पर बुलाकर समाधान निकालती है या फिर हरियाणा में बसों की रफ्तार पूरी तरह थम जाएगी।

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