Punjab Weather Update: गर्मी और उमस के बीच राहत की उम्मीद, आज चंडीगढ़ समेत 5 जिलों में बारिश संभव

आज 5 जिलों समेत चंडीगढ़ में बौछारें संभव
Punjab Weather Update: पंजाब में कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है। अब 27 अगस्त को हिमाचल से सटे पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। चंडीगढ़ में भी मौसम बदल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, शहर में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
मानसून ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक, मानसून ट्रफ पंजाब के आसपास सक्रिय है। इसके अलावा उत्तर हरियाणा के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ भी बना हुआ है। इन दोनों मौसमी सिस्टम के प्रभाव से पंजाब और चंडीगढ़ में बादल छाने के साथ कुछ स्थानों पर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। बारिश होने पर उमस और दिन के तापमान से परेशान लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।
तापमान सामान्य से 1.9 डिग्री ज्यादा
पंजाब में बारिश नहीं होने के कारण गर्मी का असर बना हुआ है। अधिकतम तापमान में 0.1 डिग्री की मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन यह अब भी सामान्य से 1.9 डिग्री अधिक है।
राज्य में सबसे अधिक 38 डिग्री तापमान बठिंडा में दर्ज किया गया। अलग-अलग जिलों में अधिकतम तापमान 33.1 से 38 डिग्री के बीच रहा, जबकि चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया।
26 अगस्त को बारिश का अनुमान, लेकिन नहीं बरसे बादल
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 26 अगस्त को पंजाब के नौ जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया था। हालांकि, मंगलवार को किसी भी जिले में बारिश रिकॉर्ड नहीं हुई।
बारिश नहीं होने से राज्य में गर्मी और उमस का असर बढ़ गया है। ऐसे में 27 अगस्त को होने वाली संभावित बारिश खासकर हिमाचल से सटे जिलों और चंडीगढ़ के लिए मौसम में बदलाव ला सकती है।
भाखड़ा और पोंग बांध अभी सुरक्षित सीमा में
बारिश के बीच पंजाब से जुड़े प्रमुख बांधों की स्थिति भी सामान्य बनी हुई है। भाखड़ा बांध में पानी का स्तर 1,633.91 फीट है, जबकि यहां 37,741 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है और 25,483 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
भाखड़ा बांध की अधिकतम जलस्तर सीमा 1,680 फीट है। वहीं, पोंग बांध का जलस्तर 1,365.45 फीट है, जहां 19,354 क्यूसेक पानी की आवक के मुकाबले 16,503 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पोंग बांध की अधिकतम जलस्तर सीमा 1,390 फीट है। दोनों बांध फिलहाल निर्धारित सीमा से नीचे हैं।
बारिश की कमी का असर सिर्फ मौसम पर नहीं, बल्कि बिजली की मांग पर भी पड़ रहा है। पंजाब में बिजली की मांग 15 हजार मेगावाट के पार पहुंच गई है, ऐसे में तापमान और उमस बढ़ने पर घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कूलिंग उपकरणों के इस्तेमाल से बिजली की खपत पर दबाव बना रह सकता है।
