Punjab Weather: पंजाब में फिर बदला मौसम, आज 9 जिलों में बारिश का अनुमान, चंडीगढ़ में बादल छाए रहेंगे

पंजाब में फिर बदला मौसम
Punjab Weather: पंजाब और चंडीगढ़ में बुधवार को मानसून फिर सक्रिय नजर आ रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार पंजाब के पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। चंडीगढ़ में भी दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहने और एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
राज्य में बारिश के बावजूद गर्मी पूरी तरह कम नहीं हुई है। मंगलवार के मुकाबले पंजाब के अधिकतम तापमान में खास बदलाव नहीं हुआ, लेकिन यह सामान्य से 1.6 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। 38°C तापमान के साथ बठिंडा राज्य में सबसे गर्म रहा, जबकि चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 35.6°C दर्ज किया गया। मौसम विभाग के आंकड़ों में भी राज्य का अधिकतम तापमान सामान्य से 1.6°C ऊपर दर्ज हुआ है।
चंडीगढ़ में 58.8 एमएम बारिश रिकॉर्ड
मंगलवार को चंडीगढ़ में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। शहर में 58.8 एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा संगरूर में 12.5 एमएम और लुधियाना में 8.9 एमएम बारिश दर्ज की गई। मोहाली, बठिंडा, गुरदासपुर, पठानकोट और फरीदकोट में भी कुछ जगहों पर बारिश हुई, लेकिन इन स्थानों पर बारिश का आंकड़ा रिकॉर्ड नहीं हो सका। चंडीगढ़ में हुई बारिश से तापमान पर असर पड़ा, लेकिन दिन का अधिकतम तापमान फिर भी सामान्य से ऊपर बना रहा।
मानसून ट्रफ सक्रिय, कई इलाकों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब के आसपास मानसून ट्रफ सक्रिय है। उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्र में बना ऊपरी हवा का चक्रवाती सिस्टम अब मानसून ट्रफ में मिल गया है। इसके प्रभाव से पंजाब के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर बन सकता है। चंडीगढ़ में भी बादल छाए रहने के साथ एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है, लेकिन पंजाब और चंडीगढ़ के मौसम पर इसका सीधा असर सीमित रहने की संभावना है। बारिश का यह दौर स्थानीय स्तर पर गर्मी से राहत दे सकता है। हालांकि, अलग-अलग जिलों में बारिश की तीव्रता अलग रह सकती है, इसलिए शहरों और ग्रामीण इलाकों में मौसम का असर एक जैसा नहीं होगा।
बिजली की मांग 13,674 मेगावाट के पार
बारिश के बावजूद पंजाब में बिजली की मांग ऊंची बनी हुई है। मंगलवार रात राज्य में बिजली की मांग 13,674 मेगावाट रही। पंजाब ने 4,790 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया, जबकि बाकी जरूरत पूरी करने के लिए 8,880 मेगावाट बिजली बाहर से ली गई। बाहर से ली गई बिजली तय मात्रा से 377 मेगावाट ज्यादा रही। इसका सीधा असर राज्य की बिजली व्यवस्था पर पड़ता है, खासकर ऐसे समय में जब तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है और कूलिंग उपकरणों की मांग जारी रहती है।
भाखड़ा और पोंग डैम का जलस्तर खतरे से नीचे
बारिश के बीच भाखड़ा और पोंग डैम की स्थिति भी निगरानी में है। भाखड़ा डैम का जलस्तर 1,633.61 फीट है। इसमें 35,447 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि 24,782 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पोंग डैम का जलस्तर 1,365.44 फीट दर्ज किया गया है। यहां 24,154 क्यूसेक पानी की आवक के मुकाबले 16,362 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। दोनों डैम का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है। BBMB के आधिकारिक आंकड़ों में भी 25 अगस्त 2026 शाम 6 बजे भाखड़ा का स्तर 1,633.61 फीट और पोंग का 1,365.44 फीट दर्ज किया गया था। ऐसे में पंजाब के बारिश वाले जिलों में लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी होगी। फिलहाल डैम की स्थिति खतरे के निशान से नीचे होने के कारण तत्काल बाढ़ जैसी स्थिति का संकेत नहीं है।
