Faridabad News: फरीदाबाद में ‘कथित’ ऑडियो पर बवाल, निगम अफसर पर बिहारियों से गाली-गलौज का आरोप, 30 अगस्त को महापंचायत

फरीदाबाद में 'कथित' ऑडियो पर बवाल, निगम अफसर पर बिहारियों से गाली-गलौज का आरोप, 30 अगस्त को महापंचायत
Faridabad News: औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक विवादित ऑडियो ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। ऑडियो में नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा बिहार और पूर्वांचल के लोगों के खिलाफ कथित तौर पर बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का दावा किया जा रहा है। मामला सामने आते ही पूर्वांचल और भोजपुरी समाज के लोगों में भारी आक्रोश पनप गया है, जिसे अब राजनीतिक संरक्षण भी मिलने लगा है।
शुक्रवार को एनआईटी फरीदाबाद सीट से कांग्रेस के पूर्व विधायक नीरज शर्मा की अगुवाई में पूर्वांचली समाज का एक प्रतिनिधिमंडल फरीदाबाद के पुलिस कमिश्नर, उपायुक्त (DC) और नगर निगम आयुक्त से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को औपचारिक मांग पत्र सौंपकर कथित ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारी पर कानूनी गाज गिराने की मांग की है।
“एक व्यक्ति नहीं, पूरे समाज का अपमान”— नीरज शर्मा
पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने मीडिया से मुखातिब होते हुए दावा किया कि वायरल ऑडियो में एक पार्षद पति रवि भड़ाना से बात कर रहे अधिकारी नगर निगम के अधीक्षण अभियंता (SE) ओमवीर सिंह हैं। ऑडियो में बिहार के एक निवासी के बहाने पूरे प्रवासी समाज के लिए मां-बहन की गालियों का इस्तेमाल किया गया है।
शर्मा ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “यह महज किसी एक व्यक्ति का व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि फरीदाबाद के विकास में रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले 18 करोड़ बिहार-झारखंड के लोगों का सीधा अपमान है। पूर्वांचल के लोग केवल ‘वोट बैंक’ की कठपुतली नहीं हैं कि कोई भी सरकारी अफसर आकर उन्हें अपमानित कर दे। ऐसे मानसिकता वाले अफसर को तुरंत निलंबित कर स्थानांतरित किया जाना चाहिए।”
30 अगस्त को महापंचायत, देश भर के जनप्रतिनिधियों को लिखे जाएंगे खत
विवाद को निर्णायक मोड़ पर ले जाते हुए पूर्व विधायक ने घोषणा की कि आगामी 30 अगस्त को भोजपुरी-अवधी समाज और पूर्वांचल की तमाम संस्थाओं के तत्वाधान में फरीदाबाद में एक विशाल महापंचायत बुलाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी एक दल की लड़ाई नहीं है। वे फरीदाबाद के सभी 6 विधायकों और 46 पार्षदों से संपर्क साधेंगे।
इसके अलावा, इस घटनाक्रम से अवगत कराने के लिए हरियाणा, दिल्ली, बिहार और झारखंड के मुख्यमंत्रियों, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), सभी लोकसभा व राज्यसभा सांसदों समेत चारों राज्यों के कुल 650 से अधिक विधायकों को औपचारिक पत्र भी भेजे जा रहे हैं।
निगमायुक्त का आश्वासन— जांच में दोषी मिले तो होगी सख्त कार्रवाई
इस पूरे घटनाक्रम पर नगर निगम फरीदाबाद के कमिश्नर यशेंद्र सिंह ने प्रशासनिक पक्ष रखते हुए कहा कि पूर्वांचल समाज की ओर से एक शिकायत पत्र प्राप्त हुआ है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे ऑडियो और प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी लोकसेवक को आम जनता या किसी समुदाय विशेष के लिए अभद्र भाषा बोलने का कोई अधिकार नहीं है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
