Amritsar Angarh Drug Crackdown : अनगढ़ में 150 पुलिसकर्मियों ने घेरा इलाका, 10 संदिग्ध हिरासत में

अमृतसर के अनगढ़ में चेकिंग करती पुलिस टीम
Amritsar Angarh Drug Crackdown : अमृतसर शहर में जड़ जमा रहे नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए बुधवार सुबह पुलिस कमिश्नरेट ने अनगढ़ इलाके में अब तक का सबसे बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। तड़के करीब 5 बजे जब पूरा इलाका सो रहा था, तभी अचानक 150 से अधिक पुलिसकर्मियों की गाड़ियों के सायरन गूंज उठे।
पुलिस बल ने रणनीतिक रूप से पूरे अनगढ़, वाल्मीकि मोहल्ला और शेख बाजार की घेराबंदी कर एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स को पूरी तरह सील कर दिया। अचानक हुई इस घेराबंदी और सर्च अभियान से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
घर-घर तलाशी अभियान : नशीले पदार्थ और अवैध शराब का जखीरा बरामद
मीडिया से बात करते हुए डीसीपी (लॉ एंड ऑर्डर) रविंदर पाल सिंह संधू ने बताया कि पुलिस कमिश्नर के निर्देशों पर शहर के संवेदनशील इलाकों में ड्रग्स के खिलाफ एक विशेष सर्च मॉडल तैयार किया गया था। पुलिस को गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं कि इन इलाकों की संकरी गलियों में कुछ लोग चोरी-छिपे नशे की सप्लाई चेन चला रहे हैं।
इसी इनपुट के आधार पर एडीसीपी-1, सी-डिवीजन और डी-डिवीजन के थाना प्रभारियों की अलग-अलग टीमें बनाकर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने कई संदिग्ध ठिकानों से नशीले पदार्थ और अवैध शराब जब्त की है।
10 संदिग्ध हिरासत में, कागजों में गड़बड़ी मिलने पर 8-10 गाड़ियां जब्त
डीसीपी संधू के अनुसार, इस पूरे ऑपरेशन के दौरान 10 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया है। इसके अलावा, इलाके में खड़ी 8 से 10 ऐसी गाड़ियों को भी जब्त किया गया है जिनके नंबर प्लेट गायब थे या फिर उनके रजिस्ट्रेशन कागजात अधूरे पाए गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गाड़ियों की आरटीओ रिकॉर्ड से जांच की जा रही है कि कहीं इनका इस्तेमाल अपराध या ड्रग सप्लाई में तो नहीं हो रहा था।
स्थानीय लोगों से लिया गया फीडबैक, जांच पूरी होने पर दर्ज होंगे पर्चे
सर्च अभियान के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों और संभ्रांत नागरिकों से बातचीत कर इलाके में नशे की वास्तविक स्थिति का फीडबैक भी लिया। डीसीपी ने कहा कि पूछताछ और बरामदगी की कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मीडिया के साथ विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से स्थानीय तस्करों में हड़कंप व्याप्त है और इसे अमृतसर शहर को नशा मुक्त करने की दिशा में एक अहम प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।
