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Shani Sadesati Astrology: शनि की साढ़ेसाती से न हों परेशान! जानिए कर्मफल दाता को प्रसन्न करने के 4 आसान और अचूक उपाय

Shani Sadesati Astrology: शनि की साढ़ेसाती से न हों परेशान! जानिए कर्मफल दाता को प्रसन्न करने के 4 आसान और अचूक उपाय

शनि की साढ़ेसाती से न हों परेशान! जानिए कर्मफल दाता को प्रसन्न करने के 4 आसान और अचूक उपाय

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AAmandeep Singh

Shani Sadesati Astrology: ज्योतिष शास्त्र में जब भी ‘शनि की साढ़ेसाती’ या ‘ढैय्या’ का जिक्र आता है, तो ज्यादातर लोग इसे केवल परेशानियों और असफलताओं से जोड़कर देखने लगते हैं। हालांकि, ज्योतिष आचार्यों का मानना है कि साढ़ेसाती से डरने की नहीं, बल्कि अपने आचरण और कर्मों को सुधारने की आवश्यकता होती है।

शनिदेव को नवग्रहों में न्यायाधीश का दर्जा प्राप्त है, जो व्यक्ति को उसके अच्छे और बुरे कर्मों का हिसाब देकर फल प्रदान करते हैं। साढ़े साती का साढ़े सात साल का यह दौर इंसान को जीवन के वास्तविक धरातल से परिचित कराता है। यदि किसी जातक की कुंडली में शनि का नकारात्मक प्रभाव चल रहा है और कार्यों में लगातार बाधाएं आ रही हैं, तो शास्त्रों में वर्णित कुछ पारंपरिक उपायों से राहत पाई जा सकती है।

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भगवान शिव और संकटमोचन हनुमान की शरण

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार शनिदेव, देवों के देव महादेव को अपना गुरु मानते हैं और हनुमान जी के प्रति विशेष आदर भाव रखते हैं। यही वजह है कि शनि की अनुकूलता प्राप्त करने के लिए रोजाना शिवलिंग पर शुद्ध जल अर्पित करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करना बेहद फलदायी माना गया है।

इसके साथ ही, मंगलवार और शनिवार को नियमित रूप से हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने वाले साधकों पर शनिदेव की बुरी दृष्टि नहीं पड़ती। मान्यता है कि हनुमान जी की पूजा करने से शनिजनित मानसिक और शारीरिक कष्ट स्वतः ही दूर होने लगते हैं।

बेजुबान जीवों की सेवा और बिना दिखावे का गुप्त दान

शनिदेव की कृपा पाने का एक सबसे सरल मार्ग बेजुबान प्राणियों और समाज के निर्बल वर्ग की सहायता करना है। शनिवार के दिन काले कुत्ते को सरसों के तेल से चुपड़ी रोटी, गाय को हरा चारा और पक्षियों को दाना डालना शुभ माना जाता है।

चींटियों के लिए सूखा आटा और चीनी डालना भी शनि दोष के प्रभाव को कम करने का एक सटीक उपाय है। इसके अलावा, शनिवार के दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को काले कपड़े, उड़द की दाल, सरसों का तेल, लोहे के बर्तन या जूते-चप्पल का दान करना चाहिए। ध्यान रहे कि दान हमेशा निस्वार्थ भाव और बिना किसी प्रचार-प्रसार के ही किया जाना चाहिए।

पीपल के वृक्ष की सेवा से चमकेगी किस्मत

शनिवार की शाम को सूर्यास्त के ठीक बाद पीपल के पेड़ के पास जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाना बेहद कल्याणकारी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पीपल के वृक्ष में त्रिदेवों के साथ-साथ शनिदेव का भी वास होता है। शनिवार को पीपल के नीचे दीपक जलाने और परिक्रमा करने से जीवन में आ रही आर्थिक, मानसिक और व्यापारिक बाधाएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है।

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