Haryana News: हरियाणा के 20 हजार कर्मचारियों को मिलेगी पुरानी पेंशन, हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

हरियाणा के 20 हजार कर्मचारियों को मिलेगी पुरानी पेंशन
Haryana News: पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने हरियाणा सरकार के कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने ओपीएस से जुड़ी कुल 46 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए कर्मचारियों के हक में महत्वपूर्ण निर्णय दिया। इस फैसले से प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत लगभग 20,000 सरकारी कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलने जा रहा है।
मामले की पेचीदगियों और विभिन्न कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने सभी 46 याचिकाओं को परिस्थितियों और सेवा शर्तों के आधार पर चार अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत (Categorize) किया था।
4 में से 3 श्रेणियों को राहत, एक श्रेणी को लगा झटका
उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में चार में से तीन श्रेणियों के कर्मचारियों के तर्कों को जायज माना और सरकार को निर्देश दिया कि उन्हें पुरानी पेंशन योजना का लाभ प्रदान किया जाए। हालांकि, चौथी श्रेणी से ताल्लुक रखने वाले कर्मचारियों को अदालत से कोई राहत नहीं मिली।
इस श्रेणी के कर्मचारियों ने मांग की थी कि हरियाणा में न्यू पेंशन स्कीम (NPS) के लागू होने की कटऑफ तिथि 28 अक्टूबर 2005 को बढ़ाकर 18 अगस्त 2008 किया जाए। अदालत ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया।
क्यों खारिज हुई पहली श्रेणी की मांग?
पहली श्रेणी में वे कर्मचारी शामिल थे जिनकी नियुक्तियां 1 जनवरी 2006 से 18 अगस्त 2008 के बीच हुई थीं। याचिकाकर्ताओं का मुख्य तर्क यह था कि चूंकि हरियाणा सरकार ने न्यू पेंशन स्कीम को 18 अगस्त 2008 को अधिसूचित (Notify) किया था, इसलिए इस तारीख से पहले नियुक्त हुए सभी कर्मचारियों को ओपीएस के दायरे में लाया जाना चाहिए।
इस तर्क को नकारते हुए हाईकोर्ट ने संवैधानिक व्यवस्था का हवाला दिया। अदालत ने साफ किया कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों के लिए सेवा शर्तें और पेंशन नीतियां तय करते समय केंद्र सरकार की कटऑफ तिथि को हूबहू अपनाने के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं है। भारतीय संविधान के तहत राज्य सरकार को अपनी प्रशासनिक और वित्तीय नीतियां स्वतंत्र रूप से तय करने का पूर्ण अधिकार प्राप्त है।
20,000 परिवारों में खुशी की लहर
हालांकि कटऑफ डेट बढ़ाने की याचिका खारिज हुई है, लेकिन 3 अन्य श्रेणियों में शामिल 20 हजार के करीब कर्मचारियों के लिए यह फैसला किसी जीवनदान से कम नहीं है। सालों से अदालती चक्कर काट रहे कर्मचारियों और उनके संगठनों ने हाईकोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। इस फैसले के बाद अब राज्य सरकार को इन श्रेणियों में आने वाले पात्र कर्मचारियों को ओपीएस के तहत पेंशन सुविधाएं देने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी।
यह भी पढ़ें– 24 घंटे की हड़ताल से हड़कंप, 16 सितंबर से निजी अस्पताल पूरी तरह बंद करने की चेतावनी
