September 6, 2026

Haryana Safai Karamchari Strike: हरियाणा में 9 सितंबर तक बढ़ी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, 13 को कुरुक्षेत्र में होगी महापंचायत

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Haryana Safai Karamchari Strike: हरियाणा में 9 सितंबर तक बढ़ी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, 13 को कुरुक्षेत्र में होगी महापंचायत

हरियाणा में 9 सितंबर तक बढ़ी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, 13 को कुरुक्षेत्र में होगी महापंचायत

Haryana Safai Karamchari Strike: प्रदेश के नगर निकायों में सेवाएं दे रहे सफाई कर्मचारियों और हरियाणा सरकार के बीच का गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे कर्मचारियों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। रविवार को करनाल पहुंचे हरियाणा नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए हड़ताल को तीन दिन और आगे बढ़ाने की घोषणा कर दी। यानी अब 7, 8 और 9 सितंबर को भी प्रदेश भर में सफाई व्यवस्था ठप रहेगी।

सरकार की दमनकारी नीतियों पर बिफरे कर्मचारी नेता

कर्मचारियों की जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य प्रधान नरेश कुमार ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जायज मांगों को सुनने के बजाय सरकार बौखलाहट में कर्मचारियों पर लाठियां चलवा रही है और मुकदमे दर्ज कर आंदोलन को कुचलने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने करनाल के दो सफाई कर्मचारियों, कुलदीप और रोहित की मौत का जिक्र करते हुए बेहद भावुक लहजे में कहा कि दोनों कर्मचारी पक्के होने की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन सरकार के ढुलमुल रवैये और नौकरी से हटाए जाने के नोटिसों ने उनसे जीने की उम्मीद छीन ली। नरेश कुमार ने साफ कहा कि अब कर्मचारियों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकार को 13 मई को 17 सूत्रीय मांगों पर हुए समझौते को पूरी तरह लागू करना ही होगा।

13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में होगी महापंचायत, व्यापक जनसमर्थन जुटाने की तैयारी

आंदोलन को बड़ा रूप देने के लिए संघ ने रणनीति तैयार कर ली है। नरेश कुमार ने बताया कि 10, 11 और 12 सितंबर को प्रदेश भर में ‘जन पंचायतें’ आयोजित की जाएंगी। इसके तहत रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWA), व्यापारी वर्ग, किसान-मजदूर संगठनों, वाल्मीकि समाज के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं को इस लड़ाई में साथ आने का न्योता दिया जाएगा।

इसके बाद 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र की पवित्र भूमि पर ‘राज्यस्तरीय जन न्याय पंचायत’ का आयोजन होगा, जिसे कर्मचारी नेताओं ने सरकार के खिलाफ निर्णायक दबाव बनाने का सबसे बड़ा मंच करार दिया है।

HKRN मॉडल को पूरी तरह नकारा, 2014 के वादे पर अड़े

हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत समायोजन के सरकारी प्रस्ताव को कर्मचारियों ने सिरे से खारिज कर दिया है। संघ का कहना है कि HKRN सिर्फ एक अस्थायी व्यवस्था है, जबकि कर्मचारी नियमित भर्ती और पक्के रोजगार की मांग पर अडिग हैं।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वर्ष 2014 में सरकार ने जो वादा किया था, उससे पीछे हटना दगाबाजी है। मंत्री कृष्ण बेदी के हालिया बयानों पर तंज कसते हुए नरेश कुमार ने शायराना अंदाज में कहा, “हमें तो अपनों ने लूटा, गैरों में कहां दम था… हमारी किश्ती वहां डूबी जहां पानी कम था।” उन्होंने दोहराया कि जब तक सरकार नियमितीकरण की स्पष्ट नीति नहीं लाती, कर्मचारी अपनी अंतिम सांस तक यह लड़ाई जारी रखेंगे।

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