Himachal Pradesh Weather: शिमला-मनाली में मौसम साफ, अगले 6 दिन धूप के आसार, मैदानी इलाकों में उमस

हिमाचल प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है।
Himachal Pradesh Weather: हिमाचल प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। शिमला, मनाली समेत प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में सोमवार सुबह मौसम साफ रहा या हल्के बादल छाए रहे। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले पांच-छह दिनों में प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर धूप खिलने की संभावना है, जबकि कुछेक जगहों पर ही हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक 12 सितंबर तक प्रदेश के किसी भी जिले में बारिश का अलर्ट नहीं है। बारिश की गतिविधियां कम होने से अगले कुछ दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर खास तौर पर मैदानी इलाकों में दिखाई देगा, जहां दिन के समय उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।
पहाड़ी इलाकों में मौसम सुहावना, मैदानी क्षेत्रों में उमस बढ़ेगी
अगले कुछ दिनों में धूप निकलने से हिमाचल के अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान बढ़ सकता है। प्रदेश के कई शहरों का औसत अधिकतम तापमान पहले ही सामान्य से ऊपर चल रहा है। ऐसे में निचले और मैदानी इलाकों में लोगों को दिन के समय गर्मी और उमस ज्यादा महसूस हो सकती है।
वहीं शिमला, मनाली और दूसरे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने की संभावना है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए अगले कुछ दिन बारिश की रुकावट कम रहने के कारण बाहर निकलने के लिहाज से राहत भरे हो सकते हैं।
इस मानसून सामान्य से 9% कम बारिश
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से 9 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। राज्य के आठ जिलों में बारिश सामान्य से कम रही, जबकि चार जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है।
बारिश की कमी के बावजूद मानसून के दौरान हुई तेज बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड ने राज्य के कई हिस्सों में भारी नुकसान पहुंचाया है। मौसम साफ होने से फिलहाल बारिश से जुड़े नए नुकसान का खतरा कम हो सकता है, लेकिन पहले से प्रभावित सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे पर दबाव बना हुआ है।
बारिश-बाढ़ और लैंडस्लाइड से 1,242 करोड़ का नुकसान
प्रदेश में इस मानसून सीजन में बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड से अब तक 1,242 करोड़ रुपये की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग (PWD) को झेलना पड़ा है। PWD की करीब 951 करोड़ रुपये की संपत्ति बारिश से तबाह हुई है। सड़कें, संपर्क मार्ग और दूसरे सार्वजनिक ढांचे प्रभावित होने से कई इलाकों में लोगों की आवाजाही और रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर पड़ा है।
मानसून के दौरान बारिश और लैंडस्लाइड से प्रदेश में अब तक 122 मकान पूरी तरह जमींदोज हो चुके हैं। इसके अलावा 494 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। बारिश से 17 दुकानें, 6 लेबर शेड और 460 गौशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। ऐसे में मौसम का साफ होना प्रभावित परिवारों के लिए राहत की बात है, क्योंकि लगातार बारिश होने पर क्षतिग्रस्त ढांचों और रास्तों को और नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है।
मानसून में 274 लोगों की मौत
हिमाचल में इस मानसून सीजन में 1 जून से 6 सितंबर तक 274 लोगों की मौत हुई है। इनमें सबसे ज्यादा 164 मौतें सड़क हादसों में हुईं। इसके अलावा लैंडस्लाइड में 18 लोगों की जान गई, जबकि फ्लैश फ्लड में एक और पानी में डूबने से 13 लोगों की मौत हुई है। बाकी मौतें अन्य कारणों से हुई हैं।
मौसम विभाग के अगले छह दिनों के पूर्वानुमान के मुताबिक राज्य में फिलहाल भारी बारिश की स्थिति नहीं है। हालांकि जिन इलाकों में पहले ही सड़कें, मकान और अन्य ढांचे प्रभावित हुए हैं, वहां स्थानीय प्रशासन और लोगों के लिए क्षतिग्रस्त हिस्सों की निगरानी जरूरी बनी रहेगी।
