Yamunanagar News: यमुनानगर में विदेश भेजने के नाम पर 11.5 लाख की ठगी, मोहाली का इमिग्रेशन एजेंट गिरफ्तार

यमुनानगर में विदेश भेजने के नाम पर 11.5 लाख की ठगी
Yamunanagar News: विदेश जाकर रोजी-रोटी कमाने की चाहत रखने वाले युवाओं को शिकार बनाने वाले फर्जी इमिग्रेशन एजेंटों के खिलाफ यमुनानगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। विदेश में नौकरी दिलाने का सब्जबाग दिखाकर यमुनानगर की थापर कॉलोनी के एक युवक से साढ़े 11 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में शहर थाना पुलिस ने मोहाली स्थित इमिग्रेशन सेंटर के संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान चंडीगढ़ के सेक्टर-9 निवासी गौरव कटारिया के रूप में हुई है।
मोहाली में ‘नव इमिग्रेशन’ के नाम से चला रहा था दफ्तर
शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पकड़ा गया आरोपी गौरव कटारिया पंजाब के एसएएस नगर (मोहाली) स्थित SCO-16 में ‘नव इमिग्रेशन’ के नाम से फर्जी कंसलटेंसी दफ्तर चलाता था। इस मामले में थापर कॉलोनी निवासी मोहनलाल ने पुलिस को शिकायत सौंपी थी।
शिकायत के मुताबिक, मोहनलाल का बेटा अंशुल अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए विदेश जाना चाहता था। इसी दौरान परिजनों को जानकारी मिली कि गौरव कटारिया और उसका साथी गौरव शर्मा लोगों को वर्क परमिट पर विदेश भेजने का काम करते हैं।
“कई युवाओं को भेजा है विदेश” झांसे में आया परिवार
पीड़ित पिता ने बताया कि जब वे अपने बेटे अंशुल को लेकर मोहाली स्थित दफ्तर पहुंचे, तो आरोपियों ने उन्हें बड़े-बड़े सपने दिखाए। आरोपियों ने दावा किया कि वे पहले भी कई युवाओं को विदेश में सेट करा चुके हैं और अंशुल को भी जल्द ही अच्छे पैकेज पर विदेश भिजवा देंगे। ठगों के बुने इस जाल में आकर पीड़ित परिवार ने वीजा प्रक्रिया और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर अलग-अलग किस्तों में कुल 11 लाख 50 हजार रुपये आरोपियों के हवाले कर दिए।
पैसे लेने के बाद मुकरे, धमकी देने का भी आरोप
रकम ऐंठने के बाद जब महीनों बीत जाने पर भी अंशुल का न तो वीजा आया और न ही कोई आधिकारिक दस्तावेज मिले, तो परिजनों को अनहोनी का अंदेशा हुआ। पीड़ित परिवार जब मोहाली दफ्तर पहुंचा और अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने साफ इंकार कर दिया और टालमटोल करने लगे।
ठगी का अहसास होने पर मोहनलाल ने यमुनानगर के शहर थाने में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने 20 मार्च को आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी। करीब साढ़े पांच महीने तक चले लंबे इंतजार और सुरागकशी के बाद आखिरकार पुलिस ने मुख्य आरोपी गौरव कटारिया को दबोच लिया। पुलिस अब आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी ताकि ठगी की गई रकम बरामद की जा सके और उसके साथी गौरव शर्मा का भी सुराग लगाया जा सके।
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