Haryana Sanitation Workers Strike: सफाई कर्मचारियों का अनोखा प्रदर्शन, झज्जर में सीजेपी ने दी सोशल मीडिया ट्रेनिंग

सफाई कर्मचारियों का अनोखा प्रदर्शन, झज्जर में सीजेपी ने दी सोशल मीडिया ट्रेनिंग
Haryana Sanitation Workers Strike: हरियाणा के शहरों में स्वच्छता का दावा करने वाली व्यवस्थाएं इस वक्त खुद सड़ांध की शिकार हो चुकी हैं। बीते एक महीने से अपनी मांगों को लेकर प्रदेशभर के सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि सड़कों से लेकर कॉलोनियों तक कचरे के पहाड़ खड़े हो गए हैं। कई जगहों पर आक्रोशित कर्मचारियों और पुलिस के बीच हाथापाई हुई, तो कहीं आला अधिकारियों के बंगलों के बाहर कूड़ा उड़ेलकर विरोध जताया गया। इसके बावजूद सरकार और आंदोलनकारियों के बीच सुलह का कोई रास्ता निकलता नजर नहीं आ रहा।
पेंच कहां फंसा है? जानिए मांग और सरकार का ऑफर
आंदोलन के इस कदर लंबे खींचने के पीछे की मुख्य वजह 13 हजार कच्चे कर्मचारियों का भविष्य है। सफाई कर्मचारी संघ का साफ कहना है कि जब तक सरकार इन 13,000 आउटसोर्सिंग और अनुबंध कर्मचारियों को सीधे नियमित (पक्का) करने के लिखित आदेश जारी नहीं करती, तब तक झाड़ू नहीं उठेगी।
दूसरी तरफ, हरियाणा सरकार बीच का रास्ता निकालने की कोशिश में है। सरकार का प्रस्ताव है कि कर्मचारियों को ‘हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लाइज एक्ट 2024’ के दायरे में लाकर 60 साल तक की उम्र तक नौकरी की सुरक्षा दी जाएगी और साथ ही वेतन में ₹5,000 तक की बढ़ोतरी की जाएगी। लेकिन कर्मचारी इसे छलावा मानकर सीधे रेगुलराइजेशन की चिट्ठी की जिद पर अड़े हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी की एंट्री: झज्जर में दी सोशल मीडिया ट्रेनिंग
इस बीच, सफाईकर्मियों के आंदोलन को डिजिटल धार देने के लिए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) भी मैदान में कूद पड़ी है। सोमवार को दिल्ली और हरियाणा से CJP के वरिष्ठ पदाधिकारी झज्जर में हड़ताल स्थल पर पहुंचे। वहां उन्होंने कर्मचारियों के साथ एक घंटे तक विशेष वर्कशॉप की। इसमें आंदोलनकारियों को सिखाया गया कि कैसे मोबाइल से अपनी समस्याओं का असरदार वीडियो बनाएं, कैमरे के सामने अपनी बात बेबाकी से रखें और सोशल मीडिया के जरिए अपनी आवाज को सीधे सरकार व जनता तक पहुंचाएं।
सरकार का कड़ा रुख: 1 दरोगा और 30 सफाईकर्मी बर्खास्त
सफाई ठप होने से आम जनता में पनपते गुस्से और राजनीतिक दबाव को देखते हुए अब सरकार ने भी सख्त रुख अपना लिया है। हड़ताल पर अड़े कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सोनीपत और कैथल जिलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए 1 सफाई दरोगा और 30 सफाई कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। हटाए गए कर्मियों में पेरोल पर काम करने वाले और हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के जरिए भर्ती कर्मचारी दोनों शामिल हैं। सरकार के इस कदम से कर्मचारी संगठनों में भारी आक्रोश है।
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