Rohtak News: रोहतक में दो मेडिकल स्टोरों पर बड़ा छापा, नशे के रूप में बिक रही दवाएं जब्त

रोहतक में दो मेडिकल स्टोरों पर बड़ा छापा
Rohtak News: प्रदेश भर में फैल रहे नशे के जाल पर नकेल कसने के लिए स्वास्थ्य और पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। इसी कड़ी में रोहतक जिले के गांव मदीना में ड्रग कंट्रोल विभाग की विशेष टीम ने देर रात दो मेडिकल स्टोरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। गुप्त सूचना के आधार पर हुई इस अचानक कार्रवाई से गांव के अन्य दवा विक्रेताओं में हड़कंप मच गया। देर रात तक चली इस रेड के दौरान अधिकारियों ने दुकानों से भारी मात्रा में ऐसी दवाइयां बरामद कीं, जिनका इस्तेमाल युवा नशे के विकल्प के तौर पर कर रहे थे।
पुलिस बल के साथ पहुंचे कई जिलों के अधिकारी
नशे की अवैध बिक्री रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बनाई गई इस जांच टीम में केवल रोहतक ही नहीं, बल्कि आसपास के कई जिलों के वरिष्ठ ड्रग कंट्रोल अधिकारियों को शामिल किया गया था। कार्रवाई को अंजाम देने के लिए स्थानीय थाना पुलिस का भी पूरा सहयोग लिया गया। टीम ने जब मदीना गांव के चिह्नित मेडिकल स्टोरों पर दबिश दी, तो दुकानें बंद हो चुकी थीं। इसके बाद अधिकारियों ने दुकान संचालकों को मौके पर बुलवाकर शटर खुलवाए और गहनता से स्टॉक की जांच शुरू की।
बिना पर्ची बेची जा रही थीं प्रतिबंधित दवाएं
ड्रग कंट्रोल टीम के अधिकारियों ने जांच के बाद बताया कि दोनों मेडिकल स्टोरों से ऐसी कई दवाइयां बरामद हुई हैं, जिन्हें बिना किसी योग्य डॉक्टर की लिखित सलाह या पर्ची के बेचना पूरी तरह गैरकानूनी है। हालांकि ये दवाइयां सीधे तौर पर नारकोटिक्स (एनडीपीएस) कानून के दायरे में नहीं आतीं, लेकिन इनका दुष्प्रयोग तेजी से नशे के तौर पर किया जा रहा था। जांच में सामने आया कि दुकान संचालक थोड़े से मुनाफे के चक्कर में बिना किसी मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन के युवाओं को ये दवाएं धड़ल्ले से बेच रहे थे।
शो-कॉज नोटिस जारी, जवाब न मिलने पर रद्द होगा लाइसेंस
कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके पर मौजूद प्रतिबंधित दवाइयों के पूरे स्टॉक को तुरंत अपने कब्जे में ले लिया। ड्रग कंट्रोलर अधिकारियों ने बताया कि दोनों मेडिकल स्टोर संचालकों को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया गया है। दुकानदारों को तय समय के भीतर इन दवाइयों के खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और डॉक्टर की पर्चियों का ब्योरा देने को कहा गया है। अधिकारियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो दोनों मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिए जाएंगे। विभाग ने साफ किया है कि जिले में दवाइयों की आड़ में नशे का कारोबार करने वालों पर आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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