PG बिल्डिंग गिरने के बाद दिल्ली में एक्शन तेज: 24 संपत्तियों पर तोड़फोड़ और 7 ढांचे सील, अवैध इमारतों पर चलेगा बुलडोजर

PG बिल्डिंग गिरने के बाद दिल्ली में एक्शन तेज
Delhi Illegal Construction: दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को पांच मंजिला PG बिल्डिंग गिरने के बाद राजधानी में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने MCD को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में अवैध इमारतों पर बुलडोजर चलाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा है कि कार्रवाई के दौरान सभी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहें। इसके साथ ही दिल्ली के सभी PG और हॉस्टलों की गहन जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को बिल्डिंग रिकॉर्ड की जांच करके यह पता लगाने को कहा गया है कि अवैध निर्माण कब किया गया और इसके लिए संबंधित विभाग या अधिकारियों की जिम्मेदारी क्या थी। यानी अब केवल अवैध निर्माण हटाने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उसकी अनुमति और निगरानी से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच होगी।
MCD ने 24 संपत्तियों पर की तोड़फोड़ की कार्रवाई
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार तक 24 संपत्तियों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा चुकी थी, जबकि 7 अवैध ढांचों को सील किया गया था। हादसे के बाद आसपास की इमारतों की सुरक्षा भी सवालों के घेरे में आ गई है। हॉस्टल डेज PG के पड़ोस में स्थित कनक लता गर्ल्स PG को भी गिराने की कार्रवाई की जा रही है। इस PG में रहने वाली छात्राओं ने पहले अपने कमरों की दीवारों और छत में आई दरारों के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे। दिल्ली यूनिवर्सिटी की सेकेंड ईयर की छात्राएं अर्निका और मानसी भी यहां रहती थीं।
बिल्डिंग गिरने से कुछ मिनट पहले बनाया था वीडियो
अर्निका और मानसी ने हॉस्टल डेज की बिल्डिंग गिरने से कुछ मिनट पहले अपने कमरे का वीडियो बनाया था। वीडियो में दीवारों और छत पर दरारें दिखाई दे रही थीं। 20 साल की अर्निका वीडियो में कहती हैं, “लगता है गिरने वाली है।” इसके कुछ ही देर बाद सत्य निकेतन की PG बिल्डिंग भरभराकर गिर गई। यह मामला राजधानी में PG और हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। खासकर उन इलाकों में जहां पुरानी इमारतों को छोटे-छोटे कमरों में बदलकर बड़ी संख्या में छात्रों को ठहराया जाता है।
PG मालिक, संचालक और लेबर कॉन्ट्रैक्टर गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने सत्य निकेतन PG हादसे के मामले में बुधवार को सुधांशु को गिरफ्तार किया। वह बिल्डिंग में हॉस्टल डेज नाम से PG चला रहा था। पुलिस के मुताबिक उसका पार्टनर शुभम त्यागी फरार है। दोनों ने अगस्त 2025 में यह बिल्डिंग लीज पर ली थी। इससे पहले पुलिस ने बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल, उनकी पत्नी उर्मिला, बेटे महेश और लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज को गिरफ्तार किया था। इस तरह बुधवार तक मामले में कुल 5 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। सोमवार रात हरिराम बंसल, उर्मिला और महेश को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया था। जस्टिस भव्य खराल ने हरिराम और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि महेश को 2 दिन की पुलिस हिरासत मिली।
बेसमेंट में पानी और सीलन की मरम्मत के दौरान हादसा?
पुलिस रिमांड के दौरान महेश ने बताया कि PG चलाने वाली कंपनी की शिकायत पर बेसमेंट में जमा पानी और सीलन की समस्या दूर करने के लिए मरम्मत कराई जा रही थी। बेसमेंट से पानी निकालने के बाद निर्माण कार्य के दौरान पावर ट्रोवेल मशीन भी चलाई जा रही थी। पुलिस को आशंका है कि मशीन से पैदा हुई कंपन और पहले से कमजोर संरचना की वजह से बिल्डिंग भरभराकर गिर गई। हालांकि, हादसे की पूरी वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस निर्माण कार्य, बिल्डिंग की स्थिति और उससे जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की जर्जर इमारतों पर संकेत दिए
सत्य निकेतन PG हादसा अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने संकेत दिया कि मुद्दे को सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रखा जाएगा। अदालत देशभर में जर्जर और अवैध इमारतों की स्थिति की समीक्षा कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी सीनियर एडवोकेट अजीत सिन्हा ने 6 सितंबर की सत्य निकेतन दुर्घटना का उल्लेख किया था। अजीत सिन्हा अवैध और असुरक्षित भवनों से जुड़े एक पुराने मामले में अदालत की सहायता कर रहे हैं। अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी।
MCD साउथ जोन के 5 अधिकारी सस्पेंड
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार को सोमवार को सस्पेंड कर दिया। उनके साथ चार इंजीनियरिंग अधिकारियों को भी विभागीय कार्रवाई पूरी होने तक निलंबित किया गया है। इसके बाद IAS अधिकारी शाश्वत सौरभ को MCD के साउथ जोन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया। 2016 बैच के AGMUT कैडर के IAS अधिकारी शाश्वत सौरभ फिलहाल साउथ वेस्ट जोन के डिप्टी कमिश्नर हैं। दिल्ली में अब कार्रवाई का दायरा सिर्फ सत्य निकेतन तक सीमित नहीं रहने वाला है। PG और हॉस्टलों की जांच के साथ पुराने और अवैध निर्माणों के रिकॉर्ड की पड़ताल से यह भी तय किया जाएगा कि नियमों का उल्लंघन कब और किस स्तर पर हुआ।
