September 11, 2026

Naveen Kaushik Jind: ‘काम नहीं करता, क्या कहीं का लेफ्टिनेंट लगा है?’, मां की डांट से सेना में अफसर बना जींद का नवीन

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Naveen Kaushik Jind: 'काम नहीं करता, क्या कहीं का लेफ्टिनेंट लगा है?': मां की डांट से सेना में अफसर बना जींद का नवीन

'काम नहीं करता, क्या कहीं का लेफ्टिनेंट लगा है?': मां की डांट से सेना में अफसर बना जींद का नवीन

Naveen Kaushik Jind: एक मां का तंज और डांट किस तरह किसी युवा के जीवन की दिशा बदलकर उसे सफलता के सर्वोच्च शिखर पर पहुंचा सकती है, इसकी मिसाल पेश की है जींद जिले के अहिरका गांव निवासी नवीन कौशिक ने।

महज 22 वर्ष की उम्र में भारतीय सेना में बतौर लेफ्टिनेंट कमीशन हासिल कर नवीन जब अपने पैतृक गांव पहुंचे, तो पूरा अहिरका गांव उनके स्वागत में उमड़ पड़ा। चेन्नई स्थित प्रतिष्ठित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) से कड़ा सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के बाद गांव आगमन पर ग्रामीणों, परिजनों और युवाओं ने ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और फूल-मालाओं के साथ अपने इस लाडले का भव्य अभिनंदन किया।

मां के ताने ने दिल में जला दी अफसर बनने की मशाल

नवीन की इस गौरवशाली उपलब्धि के पीछे उनकी लगन के साथ-साथ एक बेहद दिलचस्प किस्सा जुड़ा हुआ है। नवीन ने बताया कि छात्र जीवन में जब वे कभी घर के कामकाज में ढिलाई बरतते थे, तो उनकी मां अक्सर ताना मारते हुए कहती थीं— “काम क्यों नहीं करता? क्या तू कहीं का लेफ्टिनेंट लगा हुआ है?” मां की यह बात नवीन के मन में गहराई से बैठ गई।

उन्होंने इसे एक सीधी चुनौती के रूप में स्वीकार किया और उसी क्षण मन में ठान लिया कि अब तो सच में सेना में लेफ्टिनेंट बनकर ही इस बात का जवाब देना है। आज उनका वह संकल्प हकीकत का रूप ले चुका है।

दिल्ली में पढ़ाई के दौरान शुरू किया CDS का सफर

बचपन से ही सीने में देशभक्ति का जज्बा रखने वाले नवीन ने दिल्ली में ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS) परीक्षा के बारे में पूरी जानकारी जुटाई। लक्ष्य तय होते ही उन्होंने बिना समय गंवाए कड़े अनुशासन और नियमित रणनीति के साथ तैयारी शुरू कर दी।

पहले लिखित परीक्षा में परचम लहराया और फिर भारतीय सेना के सबसे कठिन माने जाने वाले सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (SSB) इंटरव्यू की बाधा को पार कर सैन्य प्रशिक्षण के लिए चयन हासिल किया। पासिंग आउट परेड के दौरान जब पिता दलबीर शर्मा और माता ने उनके कंधों पर लेफ्टिनेंट के सितारे सजाए, तो उनकी आंखों से खुशी और गर्व के आंसू छलक पड़े।

युवाओं से अपील: भटकाव छोड़ इंटरनेट का करें सही उपयोग

गांव में आयोजित सम्मान समारोह में नव-नियुक्त लेफ्टिनेंट नवीन कौशिक ने युवाओं को सफलता का मंत्र भी दिया। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल दौर में युवाओं के पास पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए असीमित संसाधन उपलब्ध हैं।

उन्होंने सलाह दी कि जो युवा सेना में करियर बनाना चाहते हैं, वे 11वीं और 12वीं कक्षा से ही एनडीए (NDA) की तैयारी शुरू कर दें। नवीन ने युवाओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया के भटकाव से बचकर इंटरनेट का केवल सकारात्मक और रचनात्मक उपयोग करें। अहिरका गांव के ग्रामीणों का कहना है कि नवीन की यह कामयाबी क्षेत्र के सैकड़ों अन्य युवाओं को भी सेना में भर्ती होकर देश सेवा करने के लिए प्रेरित करेगी।

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