Pathankot Crime : पंजाब में टारगेट किलिंग की बड़ी साजिश नाकाम, दुबई से लौटे दो अपराधी हथियारों समेत गिरफ्तार

पंजाब में टारगेट किलिंग की बड़ी साजिश नाकाम, दुबई से लौटे दो अपराधी हथियारों समेत गिरफ्तार
Pathankot Crime : पंजाब में अमन-शांति को डिस्टर्ब करने की साजिश रचने वाले अपराधियों के मंसूबे एक बार फिर खाकी के आगे धरे के धरे रह गए हैं। काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) पठानकोट की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए विदेशी धरती से रची गई टारगेट किलिंग की एक बड़ी योजना को बीच में ही ध्वस्त कर दिया है।
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दुबई से लौटकर आए दो शातिर गुर्गों को आधुनिक हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है, जो किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने शुक्रवार को इस बड़ी कामयाबी की आधिकारिक पुष्टि की है।
दुबई से लौटकर आए थे नापाक इरादों के साथ
पकड़े गए आरोपियों की पहचान रविंदर सिंह उर्फ ढिल्लों (निवासी ढिलवां, बटाला) और जशनप्रीत सिंह (निवासी गांव बल्ल, गुरदासपुर) के रूप में हुई है। पुलिस ने हथियारों के जखीरे के साथ-साथ उनका बिना नंबर प्लेट वाला बिल्कुल नया स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी कब्जे में ले लिया है।
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि ये दोनों आरोपी सीधे तौर पर विदेश में बैठे किसी बड़े हैंडलर के संपर्क में थे। उसी के निर्देशों और इशारों पर इन्होंने विदेशी जमीन छोड़ी थी और हाल ही में पंजाब लौटे थे ताकि यहां सुनियोजित तरीके से टारगेट किलिंग को अंजाम दिया जा सके।
पुख्ता सूचना पर एक्शन में आई पुलिस टीम
इस पूरे ऑपरेशन के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए एआईजी सीआई पठानकोट सुखमिंदर सिंह मान ने बताया कि खुफिया तंत्र से विभाग को पुख्ता इनपुट मिले थे। सूचना मिली थी कि हथियारबंद दो संदिग्ध युवक एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर गुरदासपुर से बटाला की तरफ बढ़ रहे हैं और उनका मकसद किसी अहम टारगेट को खत्म करना है।
इस इनपुट पर बिना एक पल गंवाए काउंटर इंटेलिजेंस की विशेष टीमों ने इलाके की कड़ी घेराबंदी कर दी। परिणामस्वरूप, गुरदासपुर के बाहरी इलाके से दोनों संदिग्धों को दबोच लिया गया। तलाशी के दौरान जब उनके सामान और कपड़ों की जांच की गई, तो उनके कब्जे से दो खतरनाक .30 बोर पिस्तौल और 10 जिंदा कारतूस बरामद हुए।
नेटवर्क के अन्य चेहरों की तलाश जारी
गिरफ्तार किए गए दोनों बदमाशों से पूछताछ का दौर जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनके निशाने पर कौन-कौन लोग थे और इस साजिश के पीछे कौन सा विदेशी चेहरा काम कर रहा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस इंटरनेशनल रैकेट से जुड़े बाकी स्थानीय मददगारों और स्लीपर सेल के सदस्यों को भी जल्द बेनकाब किया जाएगा।
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