Sonipat Toll Plaza: सोनीपत एनएच-44 पर भिगान टोल पर बवाल, फास्टैग विवाद में लगा 1 घंटे का जाम, फंसीं रोडवेज बसें

सोनीपत एनएच-44 पर भिगान टोल पर बवाल, फास्टैग विवाद में लगा 1 घंटे का जाम, फंसीं रोडवेज बसें
Sonipat Toll Plaza: नेशनल हाईवे-44 पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए शनिवार की रात भारी मुसीबत लेकर आई। सोनीपत के भिगान टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों और वाहन चालकों के बीच हुए मामूली विवाद ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया।
पानीपत से दिल्ली लेन की ओर जा रहे एक कैंटर का फास्टैग स्कैनर से टैक्स नहीं कट पाया, जिस पर टोल कर्मियों ने कैंटर को लेन नंबर 2 में ही रोक दिया। इसी दौरान लेन नंबर 1 में हरियाणा रोडवेज की एक ड्राइवर ट्रेनिंग बस को भी रोक लिया गया। दो मुख्य लेन अचानक ब्लॉक होते ही पीछे से आ रहे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और चक्का जाम जैसी नौबत आ गई।
भीषण जाम में फंसी रोडवेज बसें, टोल कर्मियों के अड़ियल रवैये से भड़के यात्री
दोनों लेन बंद होने का सीधा असर जीटी रोड के पूरे ट्रैफिक पर पड़ा। दिल्ली, सोनीपत और गुरुग्राम की तरफ जा रही हरियाणा रोडवेज की कम से कम छह सवारी बसें इस जाम में फंस गईं। रात के अंधेरे में बस में सवार बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग यात्री गर्मी और देरी के कारण बेहाल हो उठे। जब यात्रियों ने टोल कर्मियों से बसें निकालने की गुजारिश की तो आरोप है कि कर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की। इसके बाद यात्री और दमकते ड्राइवर गा गाड़ियों से उतरकर टोल कर्मियों से भिड़ गए। मौके पर घंटों तीखी बहसबाजी होती रही, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
रोज-रोज के कुप्रबंधन से आजिज आए राहगीर, डायल 112 पर की शिकायत
भिगान टोल पर रोजाना सफर करने वाले चालकों का कहना है कि यहां तकनीकी खामियां और कर्मचारियों का अड़ियल रवैया कोई नई बात नहीं है। आए दिन फास्टैग स्कैनर काम नहीं करते और खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। शनिवार रात भी जब आधे घंटे से ज्यादा समय तक स्थिति बेकाबू रही और जाम की लंबाई बढ़ती चली गई, तब परेशान यात्रियों ने डायल 112 पर पुलिस को कॉल कर मदद मांगी। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद करीब एक घंटे में यातायात को दोबारा सुचारू कराया जा सका।
FIR की चेतावनी भी बेअसर, दावों के बावजूद सुधर नहीं रहे हालात
गौरतलब है कि भिगान टोल पर लगने वाले इस लंबे जाम को लेकर सोनीपत जिला प्रशासन पहले भी सख्त रुख अपना चुका है। करीब सात महीने पहले तत्कालीन एडीसी लक्षित सरीन ने टोल प्रबंधकों के साथ बैठक कर साफ निर्देश दिए थे कि टोल पर किसी भी सूरत में वाहनों की लाइन नहीं लगनी चाहिए।
प्रशासन ने चेतावनी दी थी कि व्यवस्था न सुधारने पर टोल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी। हालांकि, इस कड़ी चेतावनी के बावजूद धरातल पर हालात जस के तस बने हुए हैं और वीकएंड पर स्थिति बेहद बदतर हो जाती है।
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