Aman Arora को AAP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से हटाने की खबरें झूठी : Manish Sisodia

Aman Arora को AAP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से हटाने की खबरें झूठी : Manish Sisodia
Aman Arora | AAP | Manish Sisodia |आम आदमी पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक होने और किसी भी तरह के अंदरूनी फेरबदल की खबरों पर पार्टी आलाकमान ने खुद मुहर लगाकर विराम लगा दिया है। पंजाब मामलों के प्रभारी और ‘आप’ के वरिष्ठ नेता Manish Sisodia ने उन तमाम मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है, जिनमें यह दावा किया जा रहा था कि पंजाब ‘आप’ के अध्यक्ष Aman Arora को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बाहर कर दिया गया है।
सिसोदिया ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह भ्रामक और तथ्यों से परे बताया। उन्होंने मीडिया की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह की संवेदनशील और भ्रामक खबरें प्रकाशित करने से पहले कम से कम पार्टी का आधिकारिक पक्ष जरूर लिया जाना चाहिए था, जो कि पत्रकारिता का एक बुनियादी नियम है।
संविधान के प्रावधानों का दिया हवाला
इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ का सहारा लिया। उन्होंने अपनी पोस्ट में साफ किया कि आम आदमी पार्टी के आंतरिक संविधान के अनुसार, किसी भी राज्य का प्रदेश अध्यक्ष स्वतः ही पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का पदेन सदस्य बन जाता है।
इस स्पष्ट नियम के तहत अमन अरोड़ा अपने पद की वजह से राष्ट्रीय कार्यकारिणी का हिस्सा बने हुए हैं, और उन्हें हटाने का सवाल ही पैदा नहीं होता। पार्टी ने अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी का पुनर्गठन करते समय भी इसी संगठनात्मक ढांचे और परंपरा का पूरी तरह पालन किया है, जिसके तहत देश के सभी राज्यों के पार्टी अध्यक्ष इस महत्वपूर्ण निकाय का अनिवार्य हिस्सा बने रहेंगे।
बिना पुष्टि खबरें चलाने पर नाराजगी
Manish Sisodia ने अपने बयान में इस बात पर भी जोर दिया कि राजनीतिक गलियारों में इस तरह की बेबुनियाद चर्चाएं पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए फैलाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि ‘आप’ पंजाब में पूरी मजबूती के साथ संगठनात्मक कार्यों में जुटी है और नेतृत्व को लेकर किसी भी तरह का असमंजस नहीं है।
पार्टी की ओर से यह संदेश साफ कर दिया गया है कि अमन अरोड़ा अपनी जिम्मेदारी पूरी मुस्तैदी से निभा रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर पर भी पार्टी के फैसलों में उनकी सक्रिय भूमिका बनी हुई है। इस स्पष्टीकरण के बाद उन तमाम अटकलों पर पूरी तरह विराम लग गया है, जो पिछले कुछ समय से राजनीतिक हलकों में तैर रही थीं।
