Rohtak News: रोहतक में आर्य समाज का संत रामपाल को 10 लाख का चैलेंज, ‘3 मिनट पकड़ें 220 वोल्ट का तार’

रोहतक में आर्य समाज का संत रामपाल को 10 लाख का चैलेंज, '3 मिनट पकड़ें 220 वोल्ट का तार'
Rohtak News: रोहतक के नांदल भवन में आर्य समाज बोहर और नांदल खाप के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘पाखंड खंडन संगोष्ठी’ में संत रामपाल के खिलाफ आर्य समाज ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए स्वामी आदित्यवेश ने खुले मंच से चेतावनी दी कि रामपाल के धनाना आश्रम में करौंथा और बरवाला जैसी हिंसक घटनाएं दोबारा दोहराई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि रामपाल के समर्थकों की गतिविधियों को लेकर आम जनता में भारी आक्रोश पनप रहा है, जिससे इलाके में कभी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। स्वामी आदित्यवेश ने प्रदेश सरकार व पुलिस प्रशासन से मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत कड़ा संज्ञान लेने की मांग की।
220 वोल्ट का तार पकड़ें रामपाल, बच गए तो देंगे 10 लाख का इनाम
संगोष्ठी के दौरान स्वामी आदित्यवेश ने रामपाल के चमत्कारिक दावों की धज्जियां उड़ाते हुए एक अनोखी चुनौती दे डाली। उन्होंने कहा कि रामपाल और उनके समर्थक 11 हजार वोल्ट का करंट लगे व्यक्ति को ठीक करने का दावा करते हैं।
ऐसे में रामपाल खुद सिर्फ 220 वोल्ट का बिजली का तार अपने हाथ से 3 मिनट तक पकड़कर दिखा दें। अगर रामपाल इस परीक्षा में सुरक्षित बच निकलते हैं, तो आर्य समाज उन्हें 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देगा। वहीं, अगर वे ऐसा नहीं कर पाते हैं तो आर्य समाज की ओर से पूरे क्षेत्र में भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
‘जमानत पर बाहर आकर फैला रहे पाखंड, विदेश से मिल रही फंडिंग’
आर्य समाज नेता ने आरोप लगाया कि देशद्रोह और हत्या जैसे संगीन मामलों में जमानत पर बाहर आने के बावजूद रामपाल अपना महिमा मंडन करने से बाज नहीं आ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर रामपाल खुद को भगवान बताते हैं, तो उनके इर्द-गिर्द मशीनगन लेकर सुरक्षाकर्मी क्यों खड़े रहते हैं।
स्वामी आदित्यवेश ने आरोप लगाया कि रामपाल का नेटवर्क चलाने के लिए विदेशों से भारी फंडिंग आ रही है और उनके अनुयायी एआई (AI) तकनीक की मदद से महापुरुषों के अश्लील व आपत्तिजनक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर फैला रहे हैं। उन्होंने हरियाणवी गायक मासूम शर्मा के पाखंड विरोधी गाने का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे दो-तीन गाने और आ गए तो रामपाल के पाखंड का पूरी तरह भंडाफोड़ हो जाएगा।
रामपाल से जुड़े दो बड़े विवाद, जिन्होंने हिला दी थी कानून-व्यवस्था
करौंथा आश्रम विवाद (2006): वर्ष 2006 में रोहतक के करौंथा स्थित आश्रम में रामपाल द्वारा स्वामी दयानंद सरस्वती की कालजयी रचना ‘सत्यार्थ प्रकाश’ पर विवादित टिप्पणी की गई थी। इसके विरोध में आर्य समाजियों और रामपाल समर्थकों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था, जिसमें एक युवक की जान चली गई थी। इसी मामले में रामपाल को पहली बार जेल की हवा खानी पड़ी थी।
बरवाला आश्रम हिंसा और गिरफ्तारी (2014): करौंथा मामले में बार-बार कोर्ट के समन के बावजूद पेश न होने पर हाईकोर्ट ने रामपाल के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद नवंबर 2014 में हिसार के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में पुलिस और रामपाल के कमांडो समर्थकों के बीच कई दिनों तक भीषण टकराव हुआ। इस खूनी संघर्ष और घेराबंदी के दौरान आश्रम के भीतर 5 महिलाओं और एक मासूम बच्चे की दम घुटने व इलाज न मिलने से मौत हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने रामपाल को गिरफ्तार किया था।
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