Narnaul/Mahendergarh : कलश यात्रा से हुआ श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानोत्सव का शुभारंभ, 500 महिलाएं सिर पर कलश उठाकर हुई यात्रा में शामिल

Narnaul: श्री गीता विज्ञान प्रचार समिति महेंद्रगढ़ की ओर से शहर की प्राचीन श्री रामलीला परिषद् के प्रांगण में श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानोत्सव का शुभारंभ रविवार 13 सितंबर को एक भव्य कलश यात्रा से किया गया, जिसमें शहर की सभी धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाएं भी शामिल हुई।कार्यक्रम के मुख्य यजमान श्री गीता विज्ञान प्रचार समिति के प्रधान मुकेश मेहता एवं नीशू मेहता सपरिवार थे जो श्रीमद् भागवत ग्रंथ को अपने सिर पर रख कर पैदल ही कलश यात्रा में शामिल हुए, जबकि पूजन का कार्य आचार्य विनोद जी के द्वारा विधिवत मंत्रोच्चारण से करवाया गया।
कथा प्रारंभ करने से पूर्व निकाली गई यह भव्य कलश यात्रा श्री रामलीला परिषद प्रांगण में स्थित संतोषी माता मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए वापस कथा स्थल ( श्री रामलीला परिषद् में) पहुंची। इस कलश यात्रा में 500 महिलाएं अपने सिर पर कलश उठाकर ढोल नगाड़ों एवं डीजे के साथ श्री कृष्ण भक्ति में झूमती हुई चल रही थी। तपोभूमि हरिद्वार से पधारे महामंडलेश्वर श्रीश्री 1008 स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती महाराज भी घोड़ा बग्गी में सवार होकर सभी भक्तों को आशीर्वाद देते हुए चल रहे थे, जबकि उनके साथ सत्य-स्वरूप महाराज, मुनीराम जी ,अवधेश बाबा, हरकेश ब्रह्मचारी व मटरू भैया भी बग्गी में विराजमान थे। मार्ग में अनेक भक्तों द्वारा इस कलश यात्रा का पुष्प वर्षा व फूलों की मालाओं से भव्य स्वागत किया गया तथा ठंडे पानी, कोल्ड्रिंक्स व प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई।
श्री गीता विज्ञान प्रचार समिति के प्रधान मुकेश मेहता ने बताया कि श्री रामलीला परिषद में आयोजित यह 7 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा 13 सितंबर से 19 सितंबर तक होगी । कथा का रसपान महामंडलेश्वर श्रीश्री 1008 स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती जी महाराज व्यासगद्दी पर विराजमान होकर सभी भक्तों को अपनी अमृतवाणी से करवाएंगे। उन्होंने बताया कि कथा का समय प्रतिदिन सायं 4 बजे से सायं 7 बजे तक रहेगा तथा आगामी 20 सितंबर को प्रातः 8:15 बजे हवन पूजन एवं गुरु पूजा से श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञानोत्सव का समापन समारोह मनाया जाएगा।श्रीमद्भागवत कथा प्रारंभ करने से पूर्व आज प्रातः काल के समय निकाली गई भव्य कलश यात्रा के शुभ अवसर पर सैकड़ों की संख्या में स्त्री पुरुष और बच्चे शामिल हुए।
