September 15, 2026

Narnaul: पुलिस के नाम पर भ्रष्टाचार, शिकायत पर सुनवाई न होने, अनुचित व्यवहार की पुलिस अधीक्षक तक मोबाइल, व्हाट्सएप या ई-मेल से कर सकेंगे शिकायत

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Narnaul:

जिला महेंद्रगढ़ में पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने आमजन और पुलिस के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के लिए विशेष पहल की है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति से पुलिस के नाम पर रिश्वत अथवा किसी प्रकार की धनराशि मांगी जाती है, पुलिस से कार्य करवाने के नाम पर कोई व्यक्ति पैसे की मांग करता है, किसी शिकायतकर्ता की पुलिस स्तर पर उचित सुनवाई नहीं होती अथवा किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी द्वारा उसके साथ अनुचित व्यवहार किया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति बिना किसी बिचौलिए के सीधे अपनी शिकायत पुलिस अधीक्षक तक पहुंचा सकता है।
आमजन ऐसी किसी भी शिकायत अथवा सूचना को पुलिस अधीक्षक श्री दीपक कुमार के मोबाइल एवं व्हाट्सएप नंबर 7027792100 पर साझा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त कंप्लेंट शाखा, पुलिस अधीक्षक कार्यालय नारनौल के नंबर 01282-251022 तथा सुरक्षा शाखा प्रभारी, नारनौल के मोबाइल एवं व्हाट्सएप नंबर 7056606138 पर भी संपर्क किया जा सकता है। शिकायत अथवा संबंधित जानकारी ई-मेल Spnrl@hry.nic.in पर भी भेजी जा सकती है। प्राप्त शिकायतों एवं सूचनाओं का तथ्यों के आधार पर परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक श्री दीपक कुमार ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति यह दावा करता है कि उसकी किसी थाना प्रभारी, पुलिस अधिकारी अथवा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से विशेष जान-पहचान है और वह पैसे लेकर पुलिस से कोई कार्य करवा सकता है, तो ऐसे व्यक्तियों के झांसे में न आएं। पुलिस के नाम का इस्तेमाल कर पैसे मांगने, रिश्वत मांगने अथवा अनुचित लाभ लेने वाले किसी भी व्यक्ति की जानकारी तत्काल साझा करें। यदि किसी नागरिक के साथ पूर्व में भी इस प्रकार की घटना हुई है, तो वह उसकी जानकारी भी उपरोक्त माध्यमों से दे सकता है।
इसी प्रकार यदि किसी नागरिक ने थाना, चौकी अथवा किसी अन्य पुलिस इकाई में शिकायत दी है और उसे लगता है कि उसकी उचित सुनवाई नहीं हुई, उसकी शिकायत पर अनावश्यक विलंब किया जा रहा है अथवा उसके साथ अनुचित व्यवहार किया गया है, तो उसे अपनी बात रखने के लिए किसी सिफारिश या बिचौलिए की आवश्यकता नहीं है। वह सीधे मोबाइल, व्हाट्सएप अथवा ई-मेल के माध्यम से पुलिस अधीक्षक तक अपनी शिकायत और संबंधित तथ्य पहुंचा सकता है।
शिकायत की सुविधा का दुरुपयोग करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
जिला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आमजन को उपलब्ध कराई गई इस सीधी संपर्क व्यवस्था का उद्देश्य वास्तविक पीड़ितों एवं शिकायतकर्ताओं को निष्पक्ष सुनवाई और त्वरित सहायता उपलब्ध कराना है। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर झूठी अथवा भ्रामक सूचना देता है, दुर्भावना या व्यक्तिगत रंजिश के चलते किसी निर्दोष व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने, परेशान करने अथवा उसके विरुद्ध अनुचित पुलिस कार्रवाई करवाने के उद्देश्य से लोक सेवक को गलत तथ्य देकर उसकी वैध शक्ति का दुरुपयोग कराने का प्रयास करता है, तो उसके विरुद्ध भी कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 217 के तहत किसी लोक सेवक को जानबूझकर ऐसी झूठी सूचना देना, जिसका उद्देश्य उसकी वैध शक्ति का इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति को क्षति अथवा परेशानी पहुंचाने के लिए कराना हो, दंडनीय है और इसमें एक वर्ष तक का कारावास अथवा दस हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं। वहीं किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जानते-बूझते उसके विरुद्ध बिना वैध आधार झूठा आपराधिक आरोप लगाने की स्थिति में मामले के तथ्यों के अनुसार धारा 248 बीएनएस के तहत पांच वर्ष तक का कारावास अथवा दो लाख रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं। गंभीर प्रकृति के अपराध का जानबूझकर झूठा आरोप लगाने की स्थिति में दंड दस वर्ष तक के कारावास और जुर्माने तक जा सकता है।
हालांकि जिला पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल इस कारण कि किसी शिकायत के आरोप जांच में प्रमाणित नहीं हो पाए, शिकायतकर्ता को झूठा शिकायतकर्ता नहीं माना जाएगा। कार्रवाई उन्हीं मामलों में की जाएगी जहां जांच में यह सामने आए कि शिकायत जानबूझकर झूठी, दुर्भावनापूर्ण या किसी व्यक्ति को फंसाने अथवा पुलिस व्यवस्था का दुरुपयोग करने के उद्देश्य से की गई थी। वास्तविक पीड़ित अथवा सद्भावना से सूचना देने वाले नागरिक बिना किसी भय या संकोच के पुलिस से संपर्क करें।
सुरक्षित महेंद्रगढ़ के निर्माण में आमजन भी निभाएं अपनी जिम्मेदारी
जिला पुलिस ने आमजन से अपील की है कि अपराध और नशे के विरुद्ध चल रही मुहिम में बढ़-चढ़कर भागीदारी करें। सुरक्षित महेंद्रगढ़ का निर्माण केवल पुलिस का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। नशाखोरी अनेक आपराधिक घटनाओं को बढ़ावा देने वाले प्रमुख कारणों में से एक है। इसलिए अपराध पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में अवैध नशे के कारोबार और नशाखोरी पर अंकुश लगाना अत्यंत आवश्यक है।
यदि किसी नागरिक के पास अवैध नशे की बिक्री, तस्करी, नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार, अपराधियों अथवा किसी अन्य आपराधिक गतिविधि से संबंधित विश्वसनीय जानकारी है, तो वह भी उपरोक्त मोबाइल, व्हाट्सएप नंबरों अथवा ई-मेल के माध्यम से जिला पुलिस के साथ साझा कर सकता है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान को यथासंभव गोपनीय रखा जाएगा तथा सूचना की पुष्टि के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला पुलिस ने नागरिकों से आह्वान किया है कि वे इस मुहिम का हिस्सा बनें और सुरक्षित, नशामुक्त एवं अपराधमुक्त महेंद्रगढ़ के निर्माण में अपना दायित्व निभाएं।
पुलिस अधीक्षक श्री दीपक कुमार ने कहा कि आमजन का विश्वास किसी भी प्रभावी पुलिस व्यवस्था की सबसे मजबूत नींव है। पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जिला पुलिस की प्राथमिकता है। किसी भी नागरिक को यह महसूस नहीं होना चाहिए कि उसकी बात सुनने वाला कोई नहीं है अथवा उसे न्याय पाने के लिए अनावश्यक रूप से भटकना पड़ेगा।
उन्होंने आमजन से अपील की कि भ्रष्टाचार, अनुचित व्यवहार, अवैध नशे अथवा आपराधिक गतिविधियों की जानकारी को छिपाने के बजाय जिम्मेदारी से पुलिस के साथ साझा करें। किसी नागरिक द्वारा समय पर दी गई सही सूचना न केवल किसी पीड़ित को न्याय दिलाने में सहायक हो सकती है, बल्कि अन्य लोगों को भी अपराध और भ्रष्टाचार का शिकार होने से बचा सकती है।

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