Kaithal News: कैथल में बस स्टैंड से कोर्ट कॉम्प्लेक्स की झोपड़ियों तक पुलिस का सर्च ऑपरेशन
Kaithal News: कैथल जिले के डेरा गरजा सिंह इलाके में बीते दिनों सामने आए उस सनसनीखेज मामले के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है, जिसमें तस्करों ने कमरों के भीतर बेडों और जमीन के नीचे टंकियां दबाकर अवैध शराब (लाहण) बनाने का अड्डा खोल रखा था। अवैध शराब के इस जहरीले नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए गुरुवार तड़के कैथल पुलिस एक्शन मोड में नजर आई। पुलिस कप्तान के निर्देशों पर गठित 5 विशेष टीमों ने तड़के ही डेरा गरजा सिंह, कल्लर माजरा, डेरा रायसिंह और शहर के विभिन्न संवेदनशील ठिकानों पर एक साथ दबिश देकर व्यापक सर्च व कांबिंग ऑपरेशन शुरू कर दिया।
सीआईए और एंटी नारकोटिक सेल का संयुक्त प्रहार
इस कार्रवाई के दौरान सीआईए गुहला प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप कुमार, सीआईए-1 प्रभारी एसआई जसवंत सिंह और एंटी नारकोटिक सेल के प्रभारी प्रदीप कुमार की संयुक्त अगुवाई में पुलिस बल ने डेरा गरजा सिंह व गांव कल्लर माजरा को पूरी तरह घेरकर तलाशी अभियान चलाया। पुलिस जवानों ने घर-घर जाकर संदेहास्पद कमरों, तहखानों और यार्डों की बारकी से जांच की। इसके साथ ही आसपास की झाड़ियों और खाली पड़े प्लॉटों में कबाड़ व लावारिस पड़े सामान को भी मेटल डिटेक्टर और अन्य उपकरणों की मदद से खंगाला गया, ताकि जमीन में गाड़ी गई टंकियों या छिपाकर रखी गई शराब की खेप का पता लगाया जा सके।
झोपड़पट्टियों और सार्वजनिक स्थलों के पास भी चला सर्च ऑपरेशन
दूसरी ओर, थाना सीवन प्रभारी महिला एसआई मुकेश की देखरेख में पुलिस टीम ने डेरा रायसिंह वाला क्षेत्र में मोर्चा संभाला, तो वहीं थाना सिविल लाइन प्रभारी इंस्पेक्टर रमेश चंद्र की टीम ने ढांड रोड, नए बस स्टैंड और कोर्ट कॉम्प्लेक्स के पीछे स्थित झोपड़पट्टियों में सर्च अभियान चलाया। अस्थायी झोपड़ियों और सुनसान रास्तों पर आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई और उनके रिकॉर्ड खंगाले गए। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि तस्कर अक्सर सार्वजनिक स्थलों के पास बनी इन झोपड़पट्टियों का इस्तेमाल माल की डिलीवरी या अस्थाई ठिकाने के रूप में करते हैं, इसलिए इन इलाकों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
आमजन से पुलिस की अपील: गुप्त रखें पहचान, दें नशा तस्करों की जानकारी
दिन भर चले इस कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय ग्रामीणों और मजदूरी करने वाले लोगों से सीधे संवाद भी किया। पुलिस ने लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए स्पष्ट किया कि यदि उनके आसपास कोई भी व्यक्ति कच्ची शराब बनाने, लाहण छिपाने या नशीले पदार्थों की बिक्री में संलिप्त पाया जाता है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस प्रशासन ने विश्वास दिलाया है कि सूचना देने वाले नागरिक की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। कैथल पुलिस ने साफ कर दिया है कि जिले को नशामुक्त करने तक तस्करों और अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ यह हंटर लगातार चलता रहेगा।
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