Amritsar SGPC News : श्री अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने विवादित नियम हटाने तक कानून लागू करने पर लगाई रोक की मांग
श्री अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने विवादित नियम हटाने तक कानून लागू करने पर लगाई रोक की मांग
Amritsar SGPC News : पंजाब में बेअदबी और धार्मिक मामलों से जुड़े नए कानूनों को लेकर सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है। ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (अमेंडमेंट) एक्ट-2026’ को लेकर सिख पंथ के सर्वोच्च संस्थान अकाल तख्त साहिब ने सख्त रुख अख्तियार किया है।
अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने दो टूक कहा है कि जब तक इस कानून के विवादित नियमों को पूरी तरह से संशोधित या हटाया नहीं जाता, तब तक इस एक्ट या इसके किसी भी नोटिफिकेशन को जमीन पर लागू नहीं किया जाना चाहिए। उनका यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है जब पंजाब सरकार ने इस मसले के समाधान के लिए हाल ही में एक उच्चस्तरीय सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।
सरकार द्वारा बनाई गई 7 सदस्यीय कमेटी पर जत्थेदार का बड़ा बयान
राज्य सरकार की ओर से 16 सितंबर को गठित की गई सात सदस्यीय समन्वय समिति पर प्रतिक्रिया देते हुए जत्थेदार गरगज ने कहा कि यह कदम श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा सरकार को दी गई समयसीमा के समाप्त होने के बाद उठाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेअदबी से जुड़े इस संवेदनशील कानून के प्रावधानों और नियमों को लेकर जो गंभीर आपत्तियां उठाई गई हैं, उन्हें दरकिनार नहीं किया जा सकता। सरकार को चाहिए कि वह तमाम पक्षों को साथ लेकर इन अड़चनों को दूर करे और इस विवाद का स्थाई समाधान निकाले।
गौरतलब है कि पंजाब सरकार द्वारा बनाई गई इस कमेटी में कई प्रतिष्ठित और अनुभवी चेहरों को शामिल किया गया है। इस सात सदस्यीय दल में पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह, दमदमी टकसाल के प्रमुख संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा, संत बाबा सेवा सिंह रामपुर खेड़ा, सेवानिवृत्त जस्टिस जसपाल सिंह और जस्टिस गुरबीर सिंह, पूर्व आईपीएस अधिकारी जतिंदर सिंह औलाख के साथ-साथ लॉ ऑफिसर प्रीत इंदर पाल सिंह को जगह दी गई है।
रमेश विधूड़ी के माफीनामे का जिक्र, बागी नेताओं को दी नसीहत
इस दौरान जत्थेदार कुलदीप सिंह गरगज ने भाजपा सांसद रमेश विधूड़ी द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब को भेजे गए लिखित माफीनामे का भी संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि विधूड़ी का सज्जन सिंह के भोग कार्यक्रम में शामिल होना एक बेहद गंभीर भूल और बहुत बड़ी गलती थी। हालांकि, उन्होंने इस बात की सराहना की कि एक गैर-सिख सांसद ने अपनी गलती का अहसास करते हुए खुले दिल से अकाल तख्त से माफी मांग ली है और यहां से मिलने वाले हर आदेश या सजा को स्वीकार करने की बात कही है।
जत्थेदार ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग खुद को पक्के सिख होने का दावा करते हैं, लेकिन इसके बावजूद अकाल तख्त साहिब के हुक्मनामे और परंपराओं की अनदेखी करते हैं, उन्हें इस घटना से बड़ी सीख लेनी चाहिए। पंथक मामलों में अनुशासन और मर्यादा का पालन हर किसी के लिए सर्वोपरि होना चाहिए।
