Lawrence Bishnoi Gang Canada Threat : भारत की जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सिंडिकेट का दायरा अब समंदर पार कनाडाई हुकूमत की चूलें हिला रहा है। कनाडा के प्रतिष्ठित मीडिया हाउस ‘सीबीसी न्यूज’ ने एक ऐसी सनसनीखेज चिट्ठी का खुलासा किया है, जिसने कनाडाई सुरक्षा एजेंसियों और राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। साल 2025 में भारत से भेजी गई इस कथित धमकीभरी चिट्ठी में लॉरेंस गैंग ने सीधे तौर पर कनाडा सरकार, वहां की पुलिस और सेना को चुनौती देते हुए देश की सत्ता अपने हाथ में लेने का एलान किया है।
कनाडा में 5 हजार शूटरों का नेटवर्क, 1000 डॉलर में हत्या का दावा
कनाडा के इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड के रिकॉर्ड्स और एडमॉन्टन पुलिस सर्विस की ऑर्गनाइज्ड क्राइम ब्रांच के हाथ लगी इस चिट्ठी में बेहद खतरनाक दावे किए गए हैं। पत्र की शुरुआत “जय श्री राम” और गोल्डी बराड़-लॉरेंस गैंग के नाम से होती है। चिट्ठी में दावा किया गया है कि कनाडा की धरती पर उनके 5 हजार से ज्यादा खूंखार गुर्गे सक्रिय हैं, जो महज एक हजार डॉलर (करीब भारतीय मुद्रा में छोटी रकम) के एवज में किसी पर भी ताबड़तोड़ गोलियां बरसा सकते हैं।
गैंग ने चेतावनी भरे लहजे में लिखा है कि कनाडाई पुलिस या वहां के कुख्यात गिरोह ‘हेल एंजिल्स’ भी उनके सामने टिक नहीं सकते। पत्र में साफ कहा गया है कि कोई भी ताकत उन्हें कनाडा पर कब्जा करने से नहीं रोक सकती।
पुलिस स्टेशनों को उड़ाने की धमकी और रंगदारी का फरमान
इस धमकी भरे पत्र का दायरा सिर्फ राजनीतिक या सैन्य चुनौती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने कनाडाई कारोबारियों की नींद भी उड़ा दी है।
पुलिस को सीधी चुनौती: कनाडाई कानून प्रवर्तन एजेंसियों को चेतावनी दी गई है कि वे गैंग के मामलों से दूर रहें, अन्यथा अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें। गैंग ने धमकी दी है कि अगर दखलअंदाजी जारी रही, तो अगले ही दिन किसी बड़े पुलिस स्टेशन पर अंधाधुंध फायरिंग की खबर सुनने को मिल सकती है, क्योंकि उनके पास स्थानीय पुलिस से भी ज्यादा आधुनिक हथियार मौजूद हैं।
नस्लीय टिप्पणियां और देश छोड़ने का अल्टीमेटम: पत्र में गोरे नागरिकों के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें जल्द से जल्द कनाडा छोड़ने का फरमान सुनाया गया है।
कारोबारियों पर प्रोटेक्शन मनी का टैक्स: कनाडाई अर्थव्यवस्था को निशाना बनाते हुए गैंग ने ऐलान किया है कि देश के हर बिजनेसमैन को अब उन्हें रंगदारी (प्रोटेक्शन मनी) चुकानी होगी। यह एक अनिवार्य टैक्स की तरह होगा, जिससे भारतीय, गोरे या काले किसी भी व्यापारी को छूट नहीं मिलेगी।
कनाडाई एजेंसियों में मचा हड़कंप, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर टिकी निगाहें
गौरतलब है कि लॉरेंस बिश्नोई साल 2015 से भारत की विभिन्न जेलों में बंद है, लेकिन इसके बावजूद उसका विदेशों में फैला क्राइम सिंडिकेट लगातार मजबूत हो रहा है। एबॉट्सफोर्ड पुलिस ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर दी है कि उन्हें यह धमकी भरा पत्र मिला था, जिसे देश में लगातार बढ़ रही रंगदारी और गोलीबारी की घटनाओं की जांच कर रही अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा किया गया है। कनाडा के कई प्रांतों में हाल के दिनों में हुई हिंसक वारदातों को इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है, और इस खुलासे के बाद वहां की सरकार पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

